भोपाल। MP Bhopal News : मध्य प्रदेश में 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बहु-राज्यीय निवेश ठगी मामला अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला बन गया है। एसटीएफ (STF) की धरपकड़ कार्रवाई में सामने आया है कि आरोपियों ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुबई में भी अपनी ठगी का साम्राज्य खड़ा कर रखा था।
MP Bhopal News : एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से लोगों को “निश्चित” 6–8% मासिक रिटर्न का वादा करके फंसाते थे। एक बार पैसा गिरी, फिर हैश टैग़ेड फंड ट्रांसफर के नाम पर निवेशकों का खून-पसीना पोंछ लिया जाता। 10 से अधिक राज्यों के सैकड़ों पीड़ितों ने अपने-पैरों पर कुल 2,280 करोड़ तक का निवेश करा दिया था, जो अब 2,300 करोड़ के पार पहुँच गया है।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी के पैसों से दुबई में कई प्रीमियम रेजिडेंस और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदी, जिससे संदिग्ध ट्रांजैक्शंस की लड़ी स्पष्ट हुई। STF ने इन विदेशी संपत्तियों की जानकारी ED (Enforcement Directorate) को दी, जिसने अब इस्सू किया मुकदमा और जल्द ही लुकआउट नोटिस निर्गम करने की तैयारी में है।
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अब तक 17 नामजद आरोपियों में से केवल मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष आरोपी फरार हैं। केंद्रीय एजेंसियाँ इनकी भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज कर रही हैं। STF–ED को अब तक भारतीय बैंकों में जमा राशि, क्रिप्टो वॉलेट ट्रांजैक्शंस और दुबई में खरीदी गई संपत्तियों का विस्तृत लेखा–जोखा मिलने लगा है। जांच अधिकारी आश्वस्त हैं कि इस महीने के अंत तक पूरे गिरोह के अधिकांश शामिल सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
नियंत्रण रेखा पर काम कर रही वित्तीय संस्थाएँ चेतावनी दे चुकी हैं कि “बिना रजिस्टर्ड ऑफिस” चलने वाले वर्चुअल निवेश प्लेटफ़ॉर्म से दूर रहें और सोर्स वॉलेट, ट्रांसफर रसीद व प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन आदि दस्तावेज़ों की कड़ी पड़ताल करें।













