Wednesday, September 30, 2026
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MP News: 1 अक्टूबर से खुलेगा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व! नए पर्यटन सीजन में बदलेगा जंगल सफारी का अंदाज

Bandhavgarh Tiger Reserve: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। 1 अक्टूबर से रिजर्व के पर्यटन जोन खोल दिए जाएंगे और इसके साथ ही नए पर्यटन सीजन की शुरुआत होगी। पार्क प्रबंधन ने पर्यटकों की सुरक्षा और बेहतर अनुभव के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।बांधवगढ़ देशभर में बाघों के लिए खास पहचान रखता है। यहां आने वाले पर्यटक बाघों के अलावा तेंदुआ, हिरण, गौर समेत कई वन्यजीवों और अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों को देखने का मौका पाते हैं। नए सीजन में जंगल सफारी के अनुभव को और जानकारीपूर्ण बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

अब गाइड सिर्फ बाघों की जानकारी नहीं देंगे
बांधवगढ़ में पर्यटकों के साथ जाने वाले गाइड की भूमिका इस बार केवल बाघ या दूसरे वन्यजीवों की पहचान बताने तक सीमित नहीं रहेगी। पार्क प्रबंधन गाइड्स को जंगल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी देने के लिए विशेष प्रशिक्षण दे रहा है।गाइड पर्यटकों को वन्यजीवों के व्यवहार, पेड़-पौधों, जंगल की जैव विविधता और प्राकृतिक वातावरण से जुड़ी जानकारियां भी देंगे। इसका उद्देश्य यह है कि पर्यटक सफारी के दौरान जंगल को सिर्फ देखने के बजाय उसे समझ भी सकें।

200 गाइड्स को दी जा रही ट्रेनिंग
इसी उद्देश्य से शुरू की गई ‘जंगल की बातों की पाठशाला’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। पर्यटन वर्ष 2026-27 के तहत करीब 200 गाइड्स को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।इस प्रशिक्षण में गाइड्स को जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी जानकारी के साथ पर्यटकों से बातचीत और व्यवहार के तरीके पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पार्क प्रबंधन का मानना है कि गाइड पर्यटक और जंगल के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं।
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छठे बैच में 26 गाइड्स ने लिया प्रशिक्षण
11 और 12 सितंबर को ‘जंगल की बातों की पाठशाला’ के छठे बैच का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसमें 26 गाइड्स ने हिस्सा लिया।प्रशिक्षण के दौरान क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने गाइड्स से बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि गाइड बांधवगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पर्यटकों को जंगल की सही जानकारी देने के साथ गाइड का व्यवहार और बातचीत का तरीका भी अहम है।उन्होंने कहा कि गाइड्स के माध्यम से पर्यटकों को बांधवगढ़ को ज्यादा बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।

सफारी में सिर्फ फोटो नहीं, जंगल की समझ भी
नए पर्यटन सीजन में पार्क प्रबंधन का फोकस पर्यटकों को ज्यादा बेहतर अनुभव देने पर है। कोशिश है कि जंगल सफारी के बाद पर्यटक केवल बाघ और दूसरे वन्यजीवों की तस्वीरें लेकर वापस न लौटें, बल्कि जंगल के प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों के जीवन को समझने का अनुभव भी साथ लेकर जाएं।1 अक्टूबर से पर्यटन जोन खुलने के बाद गाइड्स की यह नई भूमिका सफारी को और जानकारीपूर्ण बनाने में अहम हो सकती है। बांधवगढ़ में नए पर्यटन सीजन के साथ वन्यजीवों को देखने के साथ जंगल को करीब से समझने पर भी जोर रहेगा।

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