Morena Road Project: मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सेमई से रामपुर तक बन रही करीब ₹49 करोड़ की पीडब्ल्यूडी सड़क एक बार फिर विवादों में घिर गई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रही इस सड़क पर ग्रामीणों ने घटिया निर्माण, गुणवत्ता में लापरवाही और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि सड़क कई जगहों से उखड़ चुकी है, गड्ढों में तब्दील हो गई है और रोजाना हादसों को न्योता दे रही है।
इसी जर्जर सड़क पर एक दर्दनाक हादसा उस समय हुआ, जब सड़क पर फिसलने से एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में 4 वर्षीय मासूम शिवा और उसकी मां सुमन कुशवाह (20) घायल हो गईं। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
जर्जर सड़क पर फिसली बाइक, मासूम समेत मां घायल
Morena Road Project: जानकारी के अनुसार, सेमई-रामपुर मार्ग पर सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में चार साल के मासूम शिवा के सिर और हाथ में चोटें आईं, जबकि उसकी मां सुमन कुशवाह के सिर और पीठ पर गंभीर चोट लगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। निर्माण कार्य में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण सड़क बनने से पहले ही कई स्थानों पर उखड़ने लगी है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
तीन साल बाद भी अधूरा है निर्माण कार्य
Morena Road Project: स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। कई हिस्सों में सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे रोजाना हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है।
प्रशासन और ठेकेदार पर उठे सवाल
Morena Road Project: हादसे के बाद ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने निर्माण एजेंसी, संबंधित इंजीनियरों और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निगरानी की जाती और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।







