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Mauganj MP News : पहली बारिश में 200 परिवार बेहाल, 7 साल से प्रशासन मौन…..

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मऊगंज, मध्य प्रदेश: Mauganj MP News : मऊगंज जिले की जनपद पंचायत हनुमना की ग्राम पंचायत खटखरी से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। मानसून की पहली ही बारिश ने यहाँ के निवासियों के लिए भयंकर आफत ला दी है, जहाँ 50 से अधिक घरों में पानी घुस गया और करीब 200 परिवार बाढ़ जैसे हालात से जूझने को मजबूर हो गए हैं।

Mauganj MP News : सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी पंचायत में आज से चार साल पहले सत्ताधारी भाजपा विधायक प्रदीप पटेल खुद पानी में उतरकर धरने पर बैठे थे, लेकिन उसके बावजूद आज तक हालात जस के तस बने हुए हैं। यह सवाल उठाता है कि जब एक सत्ताधारी विधायक की आवाज़ को ही अनसुना कर दिया जाता है, तो फिर आम जनता की सुनवाई आखिर कौन करेगा?

सिस्टम की खुली पोल: खटखरी ग्राम पंचायत की ये तस्वीरें सिस्टम की घोर लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलती हैं। जहाँ गंदे नाले का पानी सीधे घरों में घुस रहा है, जिससे कई दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है और लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

विधायक के धरने के बाद भी नहीं निकला समाधान: ग्रामीणों को याद है कि चार साल पहले विधायक प्रदीप पटेल ने पानी में बैठकर धरना दिया था, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। स्थानीय लोगों ने कई बार कलेक्टर, जनपद सीईओ, तहसीलदार और स्वयं विधायक से भी शिकायतें की हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।

हाल ही में, नायब तहसीलदार बैसाखू लाल प्रजापति और प्रभारी सीईओ जगदीश सिंह राजपूत ने मौके का मुआयना किया, लेकिन उनके दौरे के बाद भी जमीनी हालात में कोई सुधार नहीं आया है।

ग्रामीणों का आरोप: “7 साल से सिर्फ खानापूर्ति” ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि पिछले सात साल से हर शिकायत के बाद सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। नाली निर्माण या पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

विचित्र बात यह है कि प्रशासन ने इस पंचायत को नगर परिषद बनाए जाने का प्रस्ताव तो भेज दिया है, लेकिन ग्राम पंचायत की मूलभूत समस्याओं पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब ग्राम पंचायत में लोग नारकीय हालात में जीने को मजबूर हैं, तो क्या सिर्फ नाम बदल देने से ही विकास के पंख लग जाएंगे? खटखरी के लोग आज भी एक स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

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