Tiger census : इंदौर के जंगलों से आई ‘मंगल’ खबर : बाघ गणना के पहले ही दिन मिले 21 बाघ और 74 तेंदुओं के पगमार्क

VIKASH KHALKHO

Tiger census : इंदौर। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निर्देशों का पालन करते हुए इंदौर वन मंडल में बाघों और अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना का महाअभियान 18 दिसंबर से शुरू हो गया है। 24 दिसंबर तक चलने वाले इस सात दिवसीय कार्यक्रम के शुरुआती रुझानों ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है। इंदौर के 700 स्क्वायर किलोमीटर में फैले वन क्षेत्र से बेहद सुखद आंकड़े सामने आए हैं।

700 वर्ग किमी के विस्तृत वन क्षेत्र और करीब 60 वर्ग किमी के सघन वन में फैली 103 बीटों में की गई शुरुआती पड़ताल में कुल 21 बाघों और 74 तेंदुओं के पगमार्क (पंजों के निशान) मिले हैं। इंदौर वन मंडल के डीएफओ प्रदीप मिश्रा के अनुसार, पगमार्क, ट्रैप कैमरों के फुटेज और अन्य जैविक संकेतों ने इस बात की पुष्टि की है कि इंदौर का चोरल रेंज आने वाले वर्षों में बाघों के लिए एक सुरक्षित और स्थाई घर के रूप में विकसित हो रहा है।

बाघों की गिनती को अधिक सटीक बनाने के लिए इस बार विभाग पारंपरिक पगमार्क पद्धति के अलावा आधुनिक तरीकों का भी इस्तेमाल कर रहा है। जंगल में जिन पेड़ों पर बाघ खुद को रगड़ते हैं, वहां से उनके बाल (Samples) एकत्र किए जा रहे हैं, जिससे उनकी जेनेटिक जानकारी और संख्या की सटीक पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही बाघों की आवाजाही वाले प्रमुख रास्तों पर नाइट विजन ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जो लगातार डेटा रिकॉर्ड कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवा बाघ अक्सर अपने वर्चस्व के लिए नए क्षेत्रों की तलाश करते हैं। चोरल, देवास और बड़वाह का बेल्ट अब एक सक्रिय ‘वाइल्डलाइफ कॉरिडोर’ के रूप में उभर रहा है। चोरल रेंज में चीतल, सांभर, नीलगाय और जंगली सूअरों की प्रचुरता के कारण बाघों को आसानी से शिकार उपलब्ध हो रहा है। फिलहाल इंदौर वन मंडल में 73 तेंदुए और 21 बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्र (Territory) निर्धारित कर चुके हैं। 24 दिसंबर को गणना पूरी होने के बाद इंदौर के वन्यजीवों की स्थिति की आधिकारिक और विस्तृत तस्वीर साफ होगी।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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