Maihar News: खसरा बना जानलेवा 3 साल के मासूम की मौत, 6 बच्चे अब भी संक्रमित, स्कूल और आंगनबाड़ी 7 दिन बंद करने की सिफारिश

Anuj Nirala

Maihar News: मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में खसरा (मीजल्स) का बढ़ता संक्रमण अब गंभीर चिंता का विषय बन गया है। संक्रमण की चपेट में आए एक 3 वर्षीय मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जिले के अजमाइन गांव में खसरे से संक्रमित बच्चे की मौत ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि छह अन्य बच्चे अभी भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को सात दिनों के लिए बंद करने की सिफारिश की है।

Maihar News: जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के अजमाइन गांव के पटेल मोहल्ला में खसरे का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। यहां अब तक छह बच्चों में मीजल्स संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमित बच्चों में बुखार, शरीर पर लाल दाने, सर्दी-जुकाम, उल्टी और डायरिया जैसे लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

READ MORE: MP Death Certificate Policy: मुक्तिधाम में ही बनेगा मृत्यु प्रमाण पत्र, CM मोहन यादव के निर्देश से व्यवस्था में बड़ा बदलाव, शोकाकुल परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

Maihar News: मृतक बच्चे की पहचान 3 वर्षीय उमंग पटेल के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, उमंग को 6 जून से तेज बुखार, शरीर पर दाने और उल्टी-दस्त की शिकायत थी। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और ओआरएस उपलब्ध कराया गया। 10 जून को बच्चे का ब्लड सैंपल भी लिया गया, लेकिन उसकी बिगड़ती हालत के बावजूद उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। 11 जून को तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन उसे सिविल अस्पताल मैहर लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

Maihar News: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चे की मौत के चार दिन बाद 15 जून को उसकी रिपोर्ट मीजल्स पॉजिटिव आई। इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और उपचार प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते उचित इलाज और निगरानी मिलती तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

Maihar News: स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि संक्रमण की शुरुआत पन्ना जिले से आए 9 वर्षीय पीयूष पटेल से हुई थी। पीयूष को मई के अंतिम सप्ताह में बुखार आया था और बाद में वह संक्रमित पाया गया। इसके बाद उसके परिवार और रिश्तेदारों के संपर्क में आए अन्य बच्चों में भी संक्रमण फैल गया। वर्तमान में चिराग पटेल, सखैरुन निशा, तमन्ना मोहम्मद, ऋषि पटेल और कार्तिक पटेल सहित कुल छह बच्चों में खसरे की पुष्टि हो चुकी है।

Maihar News: जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुचित्रा अग्रवाल ने स्वीकार किया है कि संक्रमण रोकने के लिए आउटब्रेक रिस्पांस इम्यूनाइजेशन (ORI) अभियान चलाया गया था, लेकिन नियमित फॉलोअप और निगरानी में कमी रही। उन्होंने माना कि संबंधित एएनएम, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपेक्षित स्तर पर निगरानी नहीं की गई, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया।

Maihar News: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने मैहर कलेक्टर को पत्र लिखकर अजमाइन गांव के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को सात दिनों के लिए बंद करने की सिफारिश की है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बच्चों की भीड़भाड़ को रोककर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है।

Maihar News: प्रस्ताव में कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को अवकाश देने और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति पर रोक लगाने की बात कही गई है। साथ ही हितग्राहियों को टेक-होम राशन घर-घर पहुंचाने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

READ MORE: Ujjain Fire News: उज्जैन के काल भैरव मंदिर के सामने तड़के लगी भीषण आग, पूजन सामग्री की चार दुकानें जलकर खाक, लाखों का नुकसान, दमकल की पांच गाड़ियों ने एक घंटे में पाया काबू

Maihar News: फिलहाल स्वास्थ्य विभाग गांव में लगातार निगरानी कर रहा है और संक्रमित बच्चों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। वहीं मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *