निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने साकेत कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनके पालतू रॉटवाइलर कुत्ते ‘हेनरी’ की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार कर दिया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए मामले की अगली तारीख 29 अप्रैल तय की है।
जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने इस संबंध में वकील जय अनंत देहाद्राई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान देहाद्राई स्वयं अदालत में पेश हुए और याचिका को खारिज करने की मांग की।
कस्टडी को लेकर क्या है विवाद
मोइत्रा का कहना है कि हेनरी मूल रूप से उनका पालतू जानवर है और वह अधिकतर समय उनके ही घर पर रहता था। हालांकि, जब वह अपने संसदीय क्षेत्र या अन्य कार्यों के सिलसिले में दिल्ली से बाहर जाती थीं, तब कुत्ते की देखभाल देहाद्राई करते थे।याचिका में यह भी दलील दी गई है कि निचली अदालत ने मालिकाना हक तय करने में केवल भुगतान को आधार मान लिया, जबकि वास्तविक देखभाल और संबंध जैसे पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया।
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दोनों पक्षों के बीच पुराना कानूनी विवाद
महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्राई के बीच यह पहला कानूनी विवाद नहीं है। इससे पहले देहाद्राई ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने संसद में प्रश्न पूछने के बदले एक कारोबारी से लाभ लिया। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद बढ़ा और अंततः लोकसभा आचार समिति की सिफारिश के बाद दिसंबर 2023 में उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया गया।मोइत्रा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया और संबंधित पक्षों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था।
आगे क्या हो सकता है
अब पालतू कुत्ते की अंतरिम कस्टडी से जुड़ा यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अदालत के आगामी फैसले से न केवल कस्टडी विवाद की दिशा तय होगी, बल्कि दोनों पक्षों के बीच चल रही कानूनी लड़ाई पर भी असर पड़ सकता है।29 अप्रैल की सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की खास नजर बनी हुई है।













