Friday, August 21, 2026
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MP Weather Update: नदियां उफान पर, बाजारों और सड़कों में घुसा पानी; 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

[Nishaanebaz News] MP Weather Update: भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना, छतरपुर, मंडला और मऊगंज सहित कई इलाकों में नदियां और जलप्रपात उफान पर हैं। कहीं पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है तो कहीं बाजारों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार क्षेत्र तक पहुंच गया है, जबकि कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने के कारण लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ा। मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की खबर है। वहीं जबलपुर में बरगी बांध के 13 गेट खोलने के बाद निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।

16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी समेत अन्य इलाकों में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

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पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में इसका असर प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।

चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी का पानी

लगातार बारिश के कारण चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का पानी बाजार क्षेत्र तक पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। कई स्थानों पर जलभराव के कारण सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई।स्थिति को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को बंद कर दिया गया है। प्रशासन जलस्तर और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

रीवा और सतना में जलभराव से बढ़ी परेशानी

रीवा में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। निराला नगर छात्रावास सहित करीब नौ क्षेत्रों में पानी भरने की जानकारी सामने आई है। कई घरों और दुकानों में रखा सामान भी पानी की चपेट में आने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।वहीं सतना की कई बस्तियों और कॉलोनियों में बारिश का पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।

डिंडोरी में पुल के ऊपर से बहा पानी, हाईवे पर यातायात प्रभावित

डिंडोरी में खरमेर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इसके चलते डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ।मंडला में भी नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और छोटा पुल पानी में डूबने की स्थिति बन गई। वहीं मऊगंज के नईगढ़ी क्षेत्र में अष्टभुजा नदी के उफान के कारण पानी कई घरों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

बरगी बांध के 13 गेट खुले, निचले इलाकों में अलर्ट

जबलपुर में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बरगी बांध के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के किनारे और निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

रनेह और धुआंधार जलप्रपात भी उफान पर

तेज बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख जलप्रपातों पर भी दिखाई दे रहा है। खजुराहो का रनेह जलप्रपात तेज बहाव के साथ उफान पर है। पन्ना के बृहस्पति कुंड में भी पानी का स्तर बढ़ गया है।वहीं नर्मदा नदी में पानी बढ़ने के कारण जबलपुर के प्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात का स्वरूप भी पूरी तरह बदल गया है और तेज बहाव देखने को मिल रहा है।

प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार मानसून द्रोणिका सहित कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिसके कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश हो रही है। अनुमान है कि 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती हैं।प्रदेश में अब तक करीब 599 मिलीमीटर यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 675.1 मिलीमीटर यानी 26.6 इंच होना चाहिए था। इस हिसाब से प्रदेश में अभी भी सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

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कई जिलों में बारिश की कमी, कुछ जगह सामान्य से ज्यादा पानी

प्रदेश के पूर्वी हिस्से के कई जिलों में सामान्य की तुलना में बारिश कम दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है।वहीं भोपाल, ग्वालियर, अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, गुना, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

अगले कुछ दिन रहना होगा सतर्क

प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने के साथ ही नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के कारण जलभराव, पुल-पुलियों पर पानी और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।

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