Sagar News: सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ वन परिक्षेत्र में वन भूमि पर कथित अतिक्रमण रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि छोटे बंधा के पास रात के अंधेरे में वन भूमि की जुताई की जा रही थी। जब वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने और ट्रैक्टर जब्त करने की कोशिश की, तो वहां मौजूद लोगों ने कथित तौर पर डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस घटना में डिप्टी रेंजर शैलेंद्र तिवारी और एक वनपाल घायल हो गए। हमले के दौरान ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश किए जाने का वीडियो भी सामने आया है।
रात के अंधेरे में वन भूमि की जुताई की सूचना
जानकारी के अनुसार, रविवार रात शाहगढ़ वन परिक्षेत्र के छोटे बंधा के पास वन विभाग की जमीन पर जुताई की जा रही थी। वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने कथित अतिक्रमण को रोकने और कार्रवाई करने का प्रयास किया।
इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों और वन विभाग की टीम के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि टीम जब ट्रैक्टर को जब्त करने की कार्रवाई कर रही थी, तभी विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों पर हमला कर दिया गया।
डिप्टी रेंजर के सिर पर पत्थर लगने से गंभीर चोट
हमले के दौरान उप वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेंद्र तिवारी के सिर पर पत्थर लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। एक वनपाल के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घायल शैलेंद्र तिवारी को पहले शाहगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश, बाल-बाल बचे वनकर्मी
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वन विभाग की टीम ट्रैक्टर जब्त करने की कार्रवाई करती दिखाई दे रही है। इसी दौरान ट्रैक्टर पर बैठा एक व्यक्ति उसे आगे बढ़ाता नजर आता है। आरोप है कि ट्रैक्टर से वन विभाग के कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश की गई। इस दौरान टीम के सदस्य बाल-बाल बचते दिखाई देते हैं।बताया जा रहा है कि इसके बाद मौके पर मौजूद लोग ट्रैक्टर लेकर वहां से भाग निकले। घटना के वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने निवाई गांव के निवासी हरिराम यादव, अमित यादव और हरेन्द्र यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने गई टीम की सुरक्षा पर सवाल
वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने पहुंची सरकारी टीम पर हमले की इस घटना ने वनकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला होना गंभीर मामला है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


