Wednesday, August 19, 2026
Home Madhya Pradesh MP News: 10 हजार करोड़ के कथित घोटाले में ED का बड़ा...

MP News: 10 हजार करोड़ के कथित घोटाले में ED का बड़ा एक्शन! SAGA Group के CMD देश से बाहर

SAGA Group Ponzi Scam: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आई इस कार्रवाई ने एक बड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने SAGA Group पोंजी घोटाला मामले में भोपाल और मुंबई में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई 13 से 16 अगस्त 2026 के बीच की गई।ED के अनुसार, कार्रवाई SAGA ग्रुप से जुड़े समीर अग्रवाल और उनके सहयोगियों के घरों और कार्यालयों पर हुई। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा, सोना-चांदी और महंगी गाड़ियां मिलीं। SAGA Group पोंजी घोटाला मामले में जांच एजेंसी ने कई वित्तीय दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

ED की कार्रवाई में 1.53 करोड़ रुपये की नकदी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ करीब 35 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी मिली। जांच एजेंसी के मुताबिक, लगभग 5.25 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और चांदी भी जब्त किया गया है।इसके अलावा 9 महंगी गाड़ियों को भी कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया। SAGA Group पोंजी घोटाला की जांच में ED ने 30 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की दूसरी वित्तीय संपत्तियों को भी फ्रीज किया है।इन संपत्तियों में लिस्टेड शेयर, सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, एलआईसी पॉलिसी और बैंक में जमा रकम शामिल बताई गई है। एजेंसी इन संपत्तियों को कथित अपराध से हुई कमाई से जोड़कर जांच कर रही है।

2009 से चल रही थी निवेश की कहानी
ED की जांच के अनुसार, मामला लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी यानी LUCC और उससे जुड़ी दूसरी सहकारी समितियों के खिलाफ दर्ज मामलों से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।जांच एजेंसी के मुताबिक, साल 2009 से लोगों को आरडी, एफडी और मंथली इनकम जैसी योजनाओं में निवेश के लिए आकर्षित किया गया। निवेशकों को कथित तौर पर बताया गया कि उनका पैसा 3 से 5 साल में दोगुना या तिगुना हो सकता है। SAGA Group पोंजी घोटाला में कार जैसे महंगे उपहार देने के वादों की बात भी जांच में सामने आई है।ED का आरोप है कि इतने बड़े रिटर्न के पीछे पर्याप्त वास्तविक कारोबारी गतिविधि नहीं थी। इसके बावजूद अलग-अलग योजनाओं के जरिए बड़ी रकम जुटाई गई। एजेंसी के अनुसार, जुटाई गई रकम 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है।
Read more: MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर बिगड़ेगा मौसम! इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

कैश से लेकर शेल कंपनियों तक की जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक, निवेशकों से बड़ी मात्रा में पैसा नकद लिया जाता था। इसके बाद इस रकम को अलग-अलग माध्यमों से आगे भेजे जाने की बात सामने आई है।ED का आरोप है कि कथित तौर पर शेल कंपनियों और हवाला चैनलों का इस्तेमाल रकम को भारत और विदेशों में मौजूद चल-अचल संपत्तियों में लगाने के लिए किया गया। SAGA Group पोंजी घोटाला की जांच में 50 से ज्यादा शेल कंपनियों का नेटवर्क भी सामने आने की बात कही गई है।इन कंपनियों के संचालन और उनमें पैसों के लेन-देन को लेकर भी एजेंसी जांच कर रही है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम किन-किन रास्तों से दूसरी जगह पहुंचाई गई।

निवेशकों को कैसे दिया गया ज्यादा मुनाफे का लालच?
जांच के अनुसार, निवेशकों को तय और ज्यादा रिटर्न का भरोसा देकर योजनाओं में पैसा लगाने के लिए तैयार किया गया। तीन से पांच साल के भीतर रकम दोगुनी या तिगुनी करने का दावा कथित तौर पर किया गया था।इसके साथ ही महंगी कार जैसे उपहारों का लालच भी दिए जाने की बात सामने आई है। SAGA Group पोंजी घोटाला की जांच में ED का कहना है कि इन वादों के पीछे पर्याप्त वास्तविक कारोबार नहीं था।एजेंसी के मुताबिक, शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान किया गया। इसके बाद बड़ी रकम के इस्तेमाल और उसे दूसरी जगह भेजने के तरीके की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी इस पूरे पैसों के नेटवर्क को जोड़ने की कोशिश में जुटी है।

SAGA Group का CMD देश से बाहर
ED के मुताबिक, समीर अग्रवाल SAGA Group के CMD और मुख्य नियंत्रक बताए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि वह देश छोड़कर फरार हो चुके हैं और उनकी तलाश की जा रही है।मामले में ग्रुप से जुड़े अधिकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ED ने 24 जुलाई 2026 को विशेष अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी।

अब आगे क्या होगा?
ताजा कार्रवाई के बाद SAGA Group पोंजी घोटाला मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। ED जब्त दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और फ्रीज की गई संपत्तियों की जांच कर रही है।जांच का अगला अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम कहां गई और उससे जुड़ी संपत्तियों का वास्तविक मालिकाना हक किसके पास है। फिलहाल ED की जांच जारी है और मामले में आगे और संपत्तियों या लेन-देन का खुलासा हो सकता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here