[Nishaanebaz News] Rewa News: रीवा। त्योहारों से पहले रीवा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिलावटी मिठाइयों के एक बड़े कारोबार का खुलासा किया है। शहर के रानी तालाब इलाके में एक भैंस के तबेले की आड़ में कथित तौर पर अवैध मिठाई फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार और निर्माणाधीन मिठाइयां बरामद की हैं।
कलेक्टर रीवा के निर्देश पर ‘मिलावट से मुक्ति अभियान’ के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया कि फैक्ट्री तक पहुंचने के लिए एक गुप्त रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था और बाहर से देखने पर यह जगह सामान्य तबेले जैसी नजर आती थी।
मावे के नाम पर तैयार हो रही थी नकली मिठाई
खाद्य विभाग की जांच में सामने आया कि यहां कथित तौर पर शुद्ध मावे के नाम पर ऐसी मिठाइयां तैयार की जा रही थीं, जिनमें मावे की जगह मैदा, लिक्विड ग्लूकोज, पाम ऑयल और कम गुणवत्ता वाली शक्कर का इस्तेमाल किया जा रहा था।अधिकारियों के मुताबिक, आगामी त्योहारों को देखते हुए बड़े पैमाने पर मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। तैयार मिठाइयों को अलग-अलग दुकानों पर सप्लाई किए जाने की बात भी सामने आई है। टीम ने मौके पर मौजूद सामग्री और तैयार मिठाइयों को जांच के दायरे में लिया।
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चॉकलेट बर्फी से लेकर पेड़े तक बन रहे थे
छापेमारी के दौरान टीम को कई तरह की रंग-बिरंगी मिठाइयां तैयार करते हुए पाया गया। इनमें चॉकलेट बर्फी, यलो बर्फी, वर्क वाली बर्फी, मिल्क केक और पेड़े शामिल बताए गए हैं।खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन मिठाइयों को आकर्षक रंग और स्वरूप देकर बाजार में सामान्य मिठाइयों की तरह बेचने की तैयारी थी। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि जिन मिठाइयों को मावे से बनी बताकर दुकानों तक पहुंचाया जाना था, उनमें मावे के बजाय दूसरे घटकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
तबेले के पीछे छिपाकर चलाया जा रहा था कारोबार
कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि मिठाई बनाने का काम किसी खुले और पंजीकृत प्रतिष्ठान में नहीं, बल्कि रानी तालाब क्षेत्र में स्थित तबेले की आड़ में किया जा रहा था। फैक्ट्री को बाहर से छिपाकर रखने के लिए पीछे की तरफ व्यवस्था की गई थी।
खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण प्रक्रिया और वहां रखी खाद्य सामग्री की जांच की। अधिकारियों ने कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति और स्पष्ट होगी।
रीवा में मैदा-ग्लूकोज और पाम ऑयल से तैयार हो रही थी मिठाइयां #MadhyaPradeshNews #FoodSafetyRaid pic.twitter.com/U208lFzams
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त्योहारों में बाजार में खपाने की थी तैयारी
बताया जा रहा है कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर नकली और मिलावटी मिठाइयों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था। ऐसे समय में बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर घटिया सामग्री से मिठाइयां तैयार कर उन्हें अधिक कीमत पर बेचने की कोशिश करते हैं।खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से उन कारोबारियों में भी हड़कंप मचा है, जो मिलावटी खाद्य सामग्री के जरिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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खाद्य विभाग ने जब्त की सामग्री, जांच जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से मिली मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की ओर से त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए अभियान तेज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग की निगरानी शहर की मिठाई दुकानों और खाद्य निर्माण इकाइयों पर और बढ़ने की संभावना है।फिलहाल खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद यह जांच का विषय है कि इस कथित अवैध फैक्ट्री से कितनी मात्रा में मिठाइयां तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा चुकी थीं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।




