[Nishaanebaz News] MP News: रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। उदयपुरा क्षेत्र की 16 वर्षीय नाबालिग ने अपने ही मुंहबोले भाई और उसके साथी पर यौन अपराध का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह आरोपी को करीब पांच साल से भाई मानकर रक्षाबंधन पर राखी बांधती थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ कथित तौर पर अपराध किया गया। रायसेन नाबालिग केस में पीड़िता ने एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है।
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की बताई गई है। आरोप है कि उसके मुंहबोले भाई गुफरान मंसूरी ने फोन करके उसे उदयपुरा रेस्टहाउस बुलाया। उसे बताया गया कि कोई लड़की उससे मिलना चाहती है। पुराने रिश्ते और भरोसे के कारण नाबालिग वहां पहुंच गई। इसके बाद घटनाक्रम ने कथित तौर पर ऐसा मोड़ लिया, जिसका अंदाजा उसे पहले नहीं था।
बहाने से बुलाया, फिर फार्महाउस ले जाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, रेस्टहाउस पहुंचने के बाद गुफरान का साथी शिवराज दांगी वहां बोलेरो लेकर मौजूद था। आरोप है कि दोनों उसे सिलवानी रोड की तरफ एक फार्महाउस पर ले गए। पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वहां उसके साथ जबरदस्ती की गई और उसका वीडियो भी बनाया गया। रायसेन नाबालिग केस में वीडियो के जरिए धमकाने का आरोप भी सामने आया है।पीड़िता का कहना है कि उसने अपने मुंहबोले भाई से मदद मांगी, लेकिन कथित तौर पर उसने उसकी सहायता नहीं की। इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के बाद उसे डराया-धमकाया गया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, पीड़िता ने जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। रायसेन नाबालिग केस में इन सभी आरोपों को अब जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।नाबालिग ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि उसे आरोपियों से अपनी सुरक्षा को लेकर डर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब शिकायत में बताए गए स्थानों, लोगों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता ने उदयपुरा और बरेली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि वह पहले उदयपुरा थाने पहुंची, लेकिन उसे बरेली थाने भेज दिया गया। इसके बाद बरेली थाने में उसकी शिकायत के मुताबिक पूरी जानकारी दर्ज नहीं की गई।पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जिस जगह की जानकारी उसने दी थी, उसे FIR में अलग तरीके से दर्ज किया गया। उसने यह भी दावा किया कि उसे FIR की कॉपी नहीं दी गई। रायसेन नाबालिग केस में पुलिस की भूमिका से जुड़े इन आरोपों की भी अब जांच की जरूरत है।
एक आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
रायसेन के एडिशनल एसपी दीपक नायक के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी शिवराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने बाद में कुछ नए तथ्यों के साथ एसपी कार्यालय में आवेदन दिया है।अधिकारियों के मुताबिक, नए तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। रायसेन नाबालिग केस में पुलिस अब आरोपों, घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
रिश्ते के भरोसे और नाबालिग की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस मामले ने परिवार और भरोसे के रिश्तों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।





