MP News: कटनी। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया है। मामला न्यू कटनी जंक्शन का है, जहां तैनात वरिष्ठ अनुभागीय अभियंता पर एक ठेकेदार से उसके 30 कर्मचारियों की नौकरी जारी रखने के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। आरोपी अधिकारी की पहचान अजयवीर सिंह के रूप में हुई है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है।
30 कर्मचारियों की नौकरी के बदले मांगे 45 हजार रुपये
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम मध्य रेलवे के न्यू कटनी जंक्शन पर वरिष्ठ अनुभागीय अभियंता (इलेक्ट्रिक-एम) के पद पर तैनात अजयवीर सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि रेलवे से जुड़े एक ठेकेदार शशांक कुशवाहा के अधीन काम करने वाले 30 कर्मचारियों को नौकरी पर बनाए रखने के एवज में अधिकारी ने पैसों की मांग की थी।
आरोप है कि अधिकारी ने प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब से 1,500 रुपये देने की बात कही थी। इस तरह 30 कर्मचारियों के लिए कुल 45,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। ठेकेदार के सामने जब कर्मचारियों की नौकरी जारी रखने के बदले रकम देने की स्थिति बनी तो उसने इस पूरे मामले की शिकायत सीबीआई से करने का फैसला लिया।
ठेकेदार ने CBI की एंटी करप्शन ब्यूरो में की शिकायत
इस मामले में ठेकेदार शशांक कुशवाहा ने सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो में वरिष्ठ अनुभागीय अभियंता अजयवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि अधिकारी ने उसके अधीन काम करने वाले 30 कर्मचारियों को नौकरी पर बनाए रखने के लिए प्रति कर्मचारी 1,500 रुपये की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत की कुल रकम 45 हजार रुपये बताए जाने की जानकारी भी जांच एजेंसी को दी। सीबीआई ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की शुरुआती जांच शुरू की।
CBI ने गोपनीय तरीके से किया सत्यापन, फिर बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले गोपनीय तरीके से आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रेलवे अधिकारी की ओर से कथित रूप से रिश्वत मांगने से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की गई।
इसके बाद सीबीआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए पूरी योजना तैयार की। कार्रवाई के तहत कटनी पुलिस लाइन परिसर में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया गया। सीबीआई की टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया और रेलवे अधिकारी को कथित रिश्वतखोरी के मामले में पकड़ लिया।
Read More; MP Police Reshuffle: मध्य प्रदेश पुलिस में बड़ा फेरबदल, मलय जैन बने बालाघाट के नए पुलिस अधीक्षक
रेलवे अधिकारी पर लगे आरोपों से विभाग में चर्चा तेज
इस घटना ने रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी से जुड़े मामलों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मामले में 30 कर्मचारियों की नौकरी जारी रखने के बदले कथित तौर पर 45 हजार रुपये मांगे जाने का आरोप है, उसने पूरे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। जांच एजेंसी की पड़ताल में रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।
