[Nishaanebaz News] Jabalpur News: जबलपुर। मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर आदिवासी उत्थान महासंघ ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। महासंघ के पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आदिवासी समाज पर बढ़ते कथित उत्पीड़न और शोषण के मामलों को गंभीरता से उठाते हुए बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश कोल ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी समाज से जुड़े कई गंभीर मुद्दे लंबे समय से सामने आ रहे हैं, लेकिन इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से आदिवासी समाज की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करने की मांग की।
21 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में CBI जांच की मांग
ज्ञापन में बालाघाट जिले में 21 बैगा आदिवासी बच्चों की हुई मौत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।महासंघ का कहना है कि मामले की पारदर्शी जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए या फिर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए। संगठन ने मांग की कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 19, 2026
कोल विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पद भरने की मांग
आदिवासी उत्थान महासंघ ने मध्य प्रदेश राज्य स्तरीय कोल विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पद लंबे समय से रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया। महासंघ के अनुसार, प्राधिकरण का अध्यक्ष पद पिछले करीब एक वर्ष से खाली है, जिससे आदिवासी समाज से जुड़े विकास और कल्याण के मुद्दों पर प्रभावी कार्य प्रभावित हो सकता है।संगठन ने सरकार से मांग की है कि रिक्त अध्यक्ष पद को जल्द भरा जाए, ताकि कोल समाज और अन्य संबंधित आदिवासी समुदायों के हितों से जुड़े कार्यों को गति मिल सके।
7 दिन का अल्टीमेटम, फिर भोपाल में प्रदर्शन की चेतावनी
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश कोल ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि के भीतर बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में CBI जांच की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो महासंघ आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर 8वें दिन भोपाल में अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
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आदिवासी समाज की समस्याओं पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से महासंघ ने सरकार और प्रशासन से आदिवासी समाज से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि उत्पीड़न, शोषण और विकास से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।महासंघ ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर बालाघाट मामले की निष्पक्ष जांच और कोल विकास प्राधिकरण में रिक्त अध्यक्ष पद को भरने सहित अन्य आवश्यक कदम उठाएगी।





