[Nishaanebaz News] Indore Swine Flu Case: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद इंदौर स्वाइन फ्लू मामला अब जांच के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग ने कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि मरीज के H1N1 पॉजिटिव होने की जानकारी समय पर स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई।
16 दिन अस्पताल में भर्ती रही महिला, फिर उज्जैन में हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, महिला करीब 16 दिनों तक इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती रही थीं। इलाज के दौरान उनकी तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उन्हें उज्जैन लेकर गए। इसी दौरान इंदौर स्वाइन फ्लू मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि 19 अगस्त को महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।जांच में महिला के H1N1 संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस संक्रमण की जानकारी संबंधित विभाग को समय पर मिलनी चाहिए थी। लेकिन आरोप है कि अस्पताल की ओर से मरीज की रिपोर्ट और संक्रमण की जानकारी CMHO कार्यालय को नहीं दी गई।
अस्पताल को नोटिस, अब मांगा जाएगा जवाब
महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग ने कोकिलाबेन अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इंदौर स्वाइन फ्लू मामला सामने आने के बाद अब यह देखा जा रहा है कि मरीज की रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल ने क्या कदम उठाए थे।स्वास्थ्य विभाग यह भी जांच करेगा कि H1N1 की पुष्टि होने के बाद जरूरी सूचना देने में देरी क्यों हुई। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।
तीन डॉक्टरों की टीम करेगी पूरे मामले की जांच
मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन डॉक्टरों की जांच समिति बनाई है। यह टीम अस्पताल के रिकॉर्ड, मरीज की मेडिकल रिपोर्ट और इलाज से जुड़ी जानकारी की जांच करेगी। इंदौर स्वाइन फ्लू मामला में सबसे अहम सवाल यही है कि संक्रमण की जानकारी विभाग तक कब पहुंची और रिपोर्टिंग में देरी क्यों हुई।जांच समिति यह भी देखेगी कि महिला के इलाज के दौरान तय स्वास्थ्य नियमों का पालन किया गया था या नहीं। समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
H1N1 की जानकारी छिपाने पर स्वास्थ्य विभाग सख्त
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि संक्रामक बीमारियों के मामलों में समय पर जानकारी देना जरूरी है। किसी अस्पताल में H1N1 का मरीज सामने आने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जानी चाहिए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।इंदौर स्वाइन फ्लू मामला सामने आने के बाद विभाग ने शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को भी निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि H1N1 या किसी अन्य संक्रामक बीमारी के मरीज की जानकारी छिपाने या रिपोर्टिंग में लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों की रिपोर्टिंग व्यवस्था पर भी उठे सवाल
महिला की मौत के बाद अब केवल इलाज ही नहीं, बल्कि अस्पतालों की सूचना देने वाली व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी संक्रामक बीमारी का मामला सामने आने पर सूचना में देरी न हो।फिलहाल इंदौर स्वाइन फ्लू मामला जांच के चरण में है। तीन डॉक्टरों की समिति की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल की तरफ से किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अस्पतालों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।





