इंदौर। Saudi Arabia Rescue Indore: खाड़ी देशों में अचानक उपजे युद्ध के गंभीर हालातों के बीच विदेश की धरती पर संकट में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी सफलता हासिल की है। सऊदी अरब में बिगड़े हालातों और रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद पिछले 12 दिनों से फंसे इंदौर शहर के 60 यात्रियों को सफलतापूर्वक और सुरक्षित भारत वापस ले आया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav की त्वरित संवेदनशीलता, पहल और केंद्र सरकार के साथ बनाए गए मजबूत समन्वय के चलते इन नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो पाया है। इंदौर एयरपोर्ट और अपने गृह नगर पहुंचने के बाद लंबे समय से खौफ और अनिश्चितता के साए में जी रहे यात्रियों और उनके परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने इस जीवनदायिनी मदद के लिए मुख्यमंत्री व सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि के अनुसार, सऊदी अरब में युद्ध की स्थिति निर्मित होने और रियाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अचानक हुए हमले के कारण वहां की तमाम वाणिज्यिक हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप और बाधित हो गई थीं। इसके चलते इंदौर सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से धार्मिक यात्रा पर गए सैकड़ों यात्री वहीं फंस गए थे। लगातार 12 दिनों तक वहां फंसे रहने, उड़ानों के रद्द होने और सुरक्षा के बढ़ते खतरों के बीच यात्रियों तथा टूर एजेंसियों ने मध्य प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अल हिजरा टूर्स एंड ट्रैवल्स कंपनी ने सीधे मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav से संपर्क साधा, जिस पर मुख्यमंत्री ने बिना किसी विलंब के खुद हस्तक्षेप किया और विदेश में फंसे नागरिकों की सलामती के लिए तत्काल राज्य स्तर पर कदम उठाए।
सऊदी अरब में फंसे इंदौर के 60 यात्री सुरक्षित भारत लौटे, 12 दिन बाद मिली राहत।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) November 5, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav के निर्देश पर मध्य प्रदेश सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से उच्च स्तरीय संपर्क स्थापित किया। राज्य सरकार की ओर से वहां फंसे करीब 350 मध्य प्रदेशीय नागरिकों की एक विस्तृत और प्राथमिकता वाली सूची तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपी गई, ताकि एक-एक नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसी राहत और बचाव अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत फिलहाल इंदौर के रहने वाले 60 यात्रियों के दल को वतन वापस लाने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
वैश्विक सुरक्षा पाबंदियों और सीधे हवाई संपर्कों पर लगी रोक के कारण यात्रियों को सीधे भारत लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के राजनयिकों ने वैकल्पिक सुरक्षित मार्गों की योजना बनाई। यात्रियों को पहले रियाद से अलग-अलग सुरक्षित परिवहन साधनों के जरिए दुबई और ओमान पहुंचाया गया और फिर वहां से विशेष कनेक्टिंग उड़ानों के माध्यम से भारत लाया गया। लंबे मानसिक तनाव और भारी अनिश्चितता के बाद इंदौर की सरजमीं पर कदम रखते ही यात्रियों की आंखें खुशी से छलक पड़ीं।
स्वदेश लौटे यात्रियों (जिनमें मोहम्मद आसिफ समीर और अन्य हज यात्री शामिल हैं) ने अपने आपबीती साझा करते हुए बताया कि वहां के हालात बेहद डरावने थे और लगातार एयरपोर्ट बंद होने से उनकी उम्मीदें टूट रही थीं। यात्रियों ने एक स्वर में माना कि यदि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav तुरंत एक्शन न लेते और केंद्र सरकार से तालमेल न बैठाते, तो उनकी वापसी इतनी जल्दी और सुरक्षित रूप से संभव नहीं हो पाती। फिलहाल बाकी बचे अन्य यात्रियों को भी जल्द से जल्द वापस लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त रेस्क्यू अभियान पूरी तत्परता के साथ जारी है।