भोपाल। Nishaanebaz.com-MP Patwari Leave Protest: मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और पटवारियों के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में पटवारी आज से तीन दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। प्रदेश भर में दो दर्जन से अधिक पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने और कई अन्य पर निलंबन की कार्रवाई से नाराज पटवारी संघ ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस सामूहिक अवकाश की वजह से राज्यभर में नामांतरण, गिरदावरी और दस्तावेजों की नकल जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बन गई है।
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नर्मदापुरम जिले में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन से जुड़ी कार्रवाई के विरोध में पटवारियों ने पहले ही ऑनलाइन राजस्व कार्य पूरी तरह बंद कर दिए थे। पटवारी संघ की जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर उग्र नारेबाजी की और शासन के रुख के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर सीमा बडोले को सौंपा गया, जिसमें पटवारियों पर दबाव बनाने और बिना विसंगतियां दूर किए दंडात्मक कदम उठाने पर सख्त आपत्ति जताई गई।
देवास में तीन पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने का कड़ा विरोध जताते हुए संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार को स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में आ रही कानूनी और जमीनी अड़चनों के बारे में पहले ही लिखित रूप में सूचित किया जा चुका था। इसके बावजूद मैदानी स्तर पर काम कर रहे कर्मियों की समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय उन पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। पटवारी संघ के अनुसार इस मुद्दे पर राजस्व निरीक्षक संघ और तहसीलदार संघ भी अपनी असहमति व्यक्त कर चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में व्यावहारिक कमियां मौजूद हैं।
पटवारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने और ऑनलाइन कामकाज ठप रहने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों को नामांतरण, गिरदावरी की प्रविष्टि, खसरे की नकल और खाद-बीज से संबंधित जरूरी कागजी प्रक्रियाओं के लिए भटकना पड़ सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कदम, इटारसी तहसील अध्यक्ष देवीशरण पटेल, मुकेश गौर, प्रदीप यादव, चेतन वर्मा और राजेश गहरवार समेत कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।






