Maa Danteshwari Temple Dantewada : दंतेवाड़ा (आशुतोष तिवारी)। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी का मंदिर न केवल एक प्राचीन शक्तिपीठ है, बल्कि यह लाखों लोगों के विश्वास की वह जगह है जहां भक्त अपनी उन बातों को कह जाते हैं जो वे दुनिया से नहीं कह पाते। हाल ही में जब मंदिर की 9 दान पेटियां खोली गईं, तो वहां का नजारा बेहद भावुक करने वाला था। दान पेटियों से लगभग 19 लाख रुपये नकद बरामद हुए, लेकिन इसके साथ ही बड़ी संख्या में निकली ‘मन्नतों की चिट्ठियों’ ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
कागज पर उकेरी दिल की बात मंदिर प्रबंधन ने जब पेटी खाली की, तो उसमें कई ऐसे पत्र मिले जिनमें भक्तों ने अपनी निजी समस्याओं और इच्छाओं का जिक्र किया था। किसी युवती ने अपनी आने वाली परीक्षा और नौकरी के लिए मां से आशीर्वाद मांगा, तो साथ ही अपने प्रेमी के साथ शादी होने की भी मन्नत मांगी। उसने लिखा, “मां, मैं जिस लड़के से प्यार करती हूं, हमारे घरवाले मान जाएं। हम पर आशीर्वाद बनाए रखना।”
बिछड़े प्यार और बीमारी से मुक्ति की गुहार एक अन्य पत्र में एक युवक ने अपने टूटे हुए प्रेम की दास्तां बयां की। उसने लिखा कि पारिवारिक मजबूरियों के कारण वह अपनी प्रेमिका से अलग हो गया है, लेकिन वह उसके बिना नहीं रह सकता। उसने मां से गुहार लगाई कि “मेरा बिछड़ा हुआ प्यार मुझसे मिला दीजिए।” वहीं, कुछ पत्रों में परिवारों की आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिजनों की सलामती की प्रार्थना की गई थी।
आस्था का अटूट केंद्र दान पेटियों से निकली ये चिट्ठियां इस बात का प्रमाण हैं कि आज के आधुनिक युग में भी लोगों का अपनी कुलदेवी पर अटूट विश्वास है। भक्तों को पूरा भरोसा है कि भले ही उनकी बात कोई और न सुने, लेकिन मां दंतेश्वरी उनकी अर्जी जरूर सुनेंगी। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नकदी को गिनकर बैंक में जमा कर दिया गया है, लेकिन भक्तों की इन भावनाओं ने एक बार फिर बस्तर की इस पावन धरा की महिमा को सिद्ध कर दिया है।













