धनतेरस और दिवाली पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इस मौके पर कई लोग लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर वाले चांदी के सिक्के या 999 शुद्धता वाले सिल्वर बार खरीदते हैं। त्योहार के दौरान बाजार में कई आकर्षक ऑफर भी देखने को मिलते हैं, लेकिन कम कीमत के लालच में जल्दबाजी करना नुकसानदायक हो सकता है। चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता, विक्रेता की विश्वसनीयता और बिल जैसी बातों की जांच जरूर करें।
पुराने सिक्के खरीदने से पहले करें जांच
अंग्रेजों के समय के पुराने चांदी के सिक्के आज सीमित मात्रा में मिलते हैं। इसलिए उनकी कीमत सामान्य चांदी के सिक्कों से ज्यादा हो सकती है। पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार के मुताबिक, पुराने सिक्कों की असलियत पहचानना आम खरीदार के लिए आसान नहीं होता। ऐसे सिक्के खरीदने से पहले किसी भरोसेमंद और प्रतिष्ठित विक्रेता से ही संपर्क करें। बिना जांच या प्रमाण के किसी अनजान व्यक्ति से पुराने सिक्के न खरीदें।
दुकानदार का स्टैंप और लोगो जरूर देखें
चांदी के कई सिक्कों और बार पर दुकानदार अपनी दुकान का नाम, लोगो या स्टैंप लगवाते हैं। इससे खरीदार को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सामान किस विक्रेता से खरीदा गया है। खरीदारी के समय सिक्के पर मौजूद पहचान के निशान को ध्यान से देखें और बिल में भी दुकान का नाम व उत्पाद की जानकारी दर्ज करवाएं।
पक्का GST बिल लेना न भूलें
चांदी खरीदते समय दुकानदार से पक्का GST बिल जरूर लें। बिल में चांदी का वजन, शुद्धता, प्रति ग्राम दर, मेकिंग चार्ज और टैक्स जैसी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।
बहुत सस्ते ऑफर से रहें सावधान
अगर कोई विक्रेता बाजार भाव से काफी कम कीमत पर चांदी देने का दावा कर रहा है, तो पहले उसकी जांच करें। सोशल मीडिया पर मिलने वाले विज्ञापनों और अनजान वेबसाइटों के ऑफर देखकर तुरंत भुगतान न करें।
रीसेल के समय किन बातों का रखें ध्यान?
चांदी के सिक्के बेचने या एक्सचेंज करने पर मेकिंग चार्ज की रकम आमतौर पर वापस नहीं मिलती। खरीदते समय चुकाया गया GST भी रीसेल पर लौटकर नहीं मिलता। इसलिए सिक्का खरीदने से पहले दुकानदार से उसकी बायबैक या एक्सचेंज पॉलिसी की जानकारी जरूर ले लें। अलग-अलग दुकानों पर मिलने वाली कीमत और शर्तों की तुलना करना भी उपयोगी रहेगा।
चांदी की शुद्धता जांचने के लिए क्या करें?
सिर्फ रंग या चमक देखकर चांदी की शुद्धता तय नहीं की जा सकती। खरीदारी से पहले सिक्के पर लिखी शुद्धता की जानकारी देखें और विक्रेता से उसकी पुष्टि करने वाला प्रमाण मांगें। जरूरत हो तो किसी विश्वसनीय ज्वेलर या अधिकृत जांच केंद्र से जांच करवाएं। थोड़ी सावधानी और सही दस्तावेज आपकी खरीदारी को सुरक्षित बना सकते हैं।