Naxal Terror Behind: बस्तर में नक्सल दहशत को पीछे छोड़ विकास की राह कलेक्टर ने जन-चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का किया त्वरित समाधान

Rahul Goshwami

 Naxal Terror Behind: बस्तर में नक्सल दहशत को पीछे छोड़ विकास की राह: कलेक्टर ने जन-चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का किया त्वरित समाधानकभी नक्सली दहशत के कारण प्रशासनिक अमले के लिए दुर्गम और जोखिम भरा माना जाने वाला बस्तर अब तेजी से बदलता नजर आ रहा है। जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्रामीणों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब ‘पैरी पखना’ गांव में पहली बार कलेक्टर सहित पूरे प्रशासनिक अमले की मौजूदगी देखी गई।

बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने खुद कठिन रास्तों को पार करते हुए ग्रामीणों तक पहुँचने का संकल्प निभाया। वे कभी चारपहिया वाहन, कभी मोटरसाइकिल और अंत में पैदल सफर तय कर गांव पहुंचे। उनका उद्देश्य साफ था- ‘शासन की योजनाओं को उन लोगों तक पहुँचाना, जो वर्षों से मुख्यधारा से कटे हुए थे।’

 Naxal Terror Behind: दरअसल, नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब प्रशासन की पहुँच उन सुदूर अंचलों तक भी बनने लगी है, जहाँ कभी जाना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था। बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करका के आश्रित ग्राम पैरी पखना में पहली बार कलेक्टर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जन-चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

 Naxal Terror Behind:दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और कठिन रास्तों की परवाह किए बिना कलेक्टर छिकारा ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पानी, सड़क, स्वास्थ्य और राशन जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। लंबे समय बाद प्रशासन को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

Naxal Terror Behind: इस अवसर पर कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि राज्य शासन की स्पष्ट मंशा है कि जैसे-जैसे बस्तर नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो रहा है, वैसे-वैसे अंतिम छोर पर बसे नागरिकों तक शासन की हर योजना और बुनियादी सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएं। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायत करका के आश्रित ग्राम पैरी पखना में यह विशेष सेवा शिविर आयोजित किया गया है।

 Naxal Terror Behind: बदलते बस्तर की यह तस्वीर न केवल प्रशासनिक पहुंच के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि अब विकास की धारा उन इलाकों तक भी पहुँच रही है, जो लंबे समय तक उपेक्षित रहे।

 

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