Kusmi SDM Murder Case : अंबिकापुर : बलरामपुर जिले के कुसमी में एक आदिवासी बुजुर्ग की कथित पिटाई से हुई मौत के बाद माहौल बेहद गरमा गया है। इस घटना का मुख्य आरोपी कुसमी एसडीएम करुण डहरिया को माना जा रहा है, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घटना के विरोध में सोमवार को सर्व आदिवासी समाज ने ‘कुसमी बंद’ का आह्वान किया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला।
शिव चौक पर चक्काजाम और प्रमुख मांगें
आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग कुसमी के मुख्य शिव चौक पर एकत्रित हुए और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बॉक्साइट माफिया को संरक्षण देने के लिए एसडीएम ने ग्रामीणों के साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट की, जिसमें एक बुजुर्ग की जान चली गई। समाज ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी हैं:
- दोषी एसडीएम पर हत्या का मामला दर्ज कर फांसी की सजा दी जाए।
- मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिले।
- परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान की जाए।
विवादों से पुराना नाता: कौन हैं करुण डहरिया?
हत्या के आरोपी एसडीएम करुण डहरिया का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद विवादित रहा है। 2019 बैच के इस अधिकारी पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं:
- रिश्वतखोरी: 2022 में गरियाबंद जनपद CEO रहते हुए 20 हजार की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथों पकड़ा था।
- बदसलूकी: जांजगीर-चांपा के पामगढ़ में स्कूली छात्रों को थप्पड़ मारने की धमकी देने पर विवादों में आए थे।
- अवैध वसूली: कुसमी में ही लकड़ी से लदे ट्रक को छोड़ने के बदले 6 लाख रुपये वसूलने का ऑडियो वायरल हुआ था।
- प्रताड़ना: ग्रामीणों को झूठे केस में फंसाने और मानसिक प्रताड़ना के कई मामले उन पर पहले से दर्ज हैं।
प्रशासनिक स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुसमी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आदिवासी समाज आरोपी अधिकारी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई पर अड़ा हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और सत्ता के दुरुपयोग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।













