Khamenei Warning Trump : तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला है। खामेनेई ने ट्रंप की तुलना इतिहास के कुख्यात तानाशाहों से करते हुए कहा कि उनका पतन भी उसी तरह निश्चित है जैसे फिरौन और रजा शाह का हुआ था। उन्होंने वैश्विक ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रंप को यह जान लेना चाहिए कि घमंड के चरम पर बैठे तानाशाहों का अंत हमेशा बुरा होता है।
खामेनेई ने देश में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि यह सत्ता लाखों सम्मानित लोगों के बलिदान और खून से स्थापित हुई है और सरकार तोड़फोड़ करने वाले तत्वों के सामने पीछे हटने वाली नहीं है। सर्वोच्च नेता ने प्रदर्शनकारियों पर देशद्रोही होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल विदेशी आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं।
अपने भाषण के दौरान खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए देश की शांति भंग कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर अमेरिका को वास्तव में देश चलाना आता, तो वे पहले अपनी आंतरिक समस्याओं को सुलझाते। खामेनेई के अनुसार अमेरिका खुद कई गंभीर संकटों से जूझ रहा है, लेकिन वह ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने से बाज नहीं आ रहा है।
ईरान में वर्तमान में आर्थिक बदहाली और महंगाई को लेकर व्यापक जनआक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी सत्ता परिवर्तन और राजतंत्र की वापसी की मांग कर रहे हैं, जिसे सरकारी स्तर पर विदेशी साजिश करार दिया जा रहा है। तेहरान सहित कई बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
सर्वोच्च नेता के इस कड़े रुख से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई कर सकते हैं। खामेनेई ने यह भी दोहराया कि अशांति फैलाने वाले लोग ईरान के असली नागरिक नहीं हो सकते। उन्होंने जनता से एकजुट रहने की अपील की ताकि बाहरी ताकतों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान को दी गई चेतावनियों के बीच खामेनेई का यह पलटवार मध्य पूर्व में तनाव को और अधिक बढ़ा सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस सीधे हमले का क्या जवाब देता है।













