Katni Leopard Rescue : कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दहशत फैला रहे आदमखोर तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया है। यह वही तेंदुआ है जिसने 30 दिसंबर को घुन्नौर गांव में एक 10 वर्षीय मासूम बालक पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और भारी आक्रोश का माहौल था।
घटना स्थल के पास ही बिछाया गया जाल
वन विभाग की टीम बालक के शिकार के बाद से ही लगातार तेंदुए की लोकेशन पर नजर रखे हुए थी। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने घुन्नौर गांव के पास, जहाँ तेंदुए ने बालक पर हमला किया था, उसी क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत और घेराबंदी के बाद विशेषज्ञ टीम ने खूंखार तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर पिंजरे में कैद कर लिया।
मुकुंदपुर जू भेजा गया तेंदुआ
रेस्क्यू के बाद तेंदुए का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों और तेंदुए के हिंसक व्यवहार को देखते हुए उसे रीवा स्थित मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी एवं चिड़ियाघर भेज दिया गया है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद विजयराघवगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
30 दिसंबर की वो काली रात
गौरतलब है कि 30 दिसंबर को विजयराघवगढ़ के घुन्नौर गांव में तेंदुए ने आबादी के करीब पहुंचकर 10 साल के बालक को उठा लिया था। इस दुखद घटना के बाद वन विभाग पर जल्द कार्रवाई का भारी दबाव था। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है।













