Katni Breaking/कटनी/ कटनी नगर निगम कार्यालय आज उस समय हंगामे का केंद्र बन गया, जब नगर निगम के ही एक पूर्व कर्मचारी ने अपने बकाया बिल पर उचित छूट नहीं मिलने और बिल में भारी विसंगति को लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व कर्मचारी रमेश झरिया नेशनल लोक अदालत के अवसर पर अपने लंबित जल/संपत्ति कर बिल का निपटारा करने निगम पहुँचे थे, लेकिन बिल की राशि देखकर भड़क उठे और उन्होंने खुले तौर पर निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
Katni Breaking रमेश झरिया का आरोप है कि उनका मूल बकाया बिल केवल दो साल का है, जिसकी वास्तविक राशि मात्र 180 रुपये होनी चाहिए थी। लेकिन निगम प्रशासन ने मनमाने तरीके से इस बकाया को बढ़ाकर 4000 रुपये का बिल बना दिया। उनका कहना है कि इस तरह मनमानी बिलिंग कर आम जनता को परेशान किया जा रहा है और नेशनल लोक अदालत जैसे मंच का उद्देश्य भी विफल किया जा रहा है, जहाँ बकायादारों को छूट देकर मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा होना चाहिए।
Katni Breaking हंगामे के दौरान, रमेश झरिया ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि नगर निगम के भीतर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनके जैसे पूर्व कर्मचारी के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता को किस कदर परेशानी का सामना करना पड़ रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है। उन्होंने भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
Katni Breaking यह घटना नेशनल लोक अदालत की कार्यवाही के बीच हुई, जिससे अदालत के मंच पर ही सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। झरिया द्वारा लगाए गए ये आरोप न केवल बिलिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा करते हैं, बल्कि लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय की उम्मीद पर भी कुठाराघात करते हैं।
Katni Breaking इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है, जिससे कटनी नगर निगम प्रशासन पर जनता का दबाव बढ़ गया है। रमेश झरिया ने बिल में हुई भारी बढ़ोतरी का उचित स्पष्टीकरण और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या उनके बिल की विसंगति को दूर किया जाता है।













