Jio Platforms: नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले निवेशकों और बाजार के जानकारों की नजर कंपनी के वैल्यूएशन पर टिकी हुई है। 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित लिस्टिंग को लेकर बाजार में काफी उत्साह है। आईपीओ के लिए 1,119 रुपये प्रति शेयर का इश्यू प्राइस तय किया गया है। इस आधार पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.30 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
इसी वैल्यूएशन के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में सामने आई है। फिलहाल बाजार पूंजीकरण के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक इससे आगे बताए जा रहे हैं।
लिस्टिंग पर टिकी निगाहें, वैल्यूएशन में उछाल की उम्मीद
जियो प्लेटफॉर्म्स की असली बाजार हिस्सेदारी और रैंकिंग का आकलन शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बाजार के अनुमानों के मुताबिक, यदि कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस से करीब 20 प्रतिशत प्रीमियम पर यानी लगभग 1,340 रुपये प्रति शेयर पर सूचीबद्ध होते हैं, तो इसका बाजार पूंजीकरण बढ़कर 12.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
ऐसी स्थिति में जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनने की स्थिति में पहुंच सकती है। हालांकि, यह केवल अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस और बाजार पूंजीकरण का पता शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद ही चलेगा।
रिलायंस समूह का संयुक्त मार्केट कैप 27 लाख करोड़ के पार?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग का असर रिलायंस समूह की कुल बाजार हैसियत पर भी पड़ सकता है। उपलब्ध आंकड़ों और अनुमानित वैल्यूएशन के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
तुलना करें तो 27 अक्टूबर 2026 तक टाटा समूह की 32 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब 25.7 लाख करोड़ रुपये बताया गया, जबकि अडानी समूह की 11 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 16.6 लाख करोड़ रुपये था।
यदि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग उम्मीद से बेहतर मूल्य पर होती है, तो रिलायंस समूह का संयुक्त बाजार मूल्य 30 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा शेयरों के वास्तविक बाजार भाव पर निर्भर करेगा।
भारतीय शेयर बाजार के लिए क्यों अहम है यह लिस्टिंग?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग को भारतीय शेयर बाजार की बड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है। कंपनी का डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार, ग्राहकों का बड़ा आधार और भविष्य में तकनीकी विस्तार की संभावनाएं निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Jio Platforms: लिस्टिंग से पहले कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन निवेशकों के लिए केवल अनुमानित प्रीमियम या ग्रे मार्केट के रुझान के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं होगा। शेयर की वास्तविक कीमत, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। अब सभी की नजर 28 अक्टूबर की लिस्टिंग पर है। शेयर किस भाव पर बाजार में प्रवेश करता है और उसके बाद कंपनी के बाजार पूंजीकरण में कितना बदलाव आता है, यह आने वाले कारोबार के दौरान स्पष्ट होगा।