Jashpur Road Construction Scam : गौरी शंकर गुप्ता/जशपुर (26 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही एक महत्वपूर्ण सड़क भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिर गई है। लोधेनापाठ से लंरगापाठ तक 4.4 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण 286.52 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से किया जा रहा है, लेकिन मौके पर गुणवत्ता के मानकों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।
समयसीमा खत्म, काम अब भी अधूरा इस सड़क निर्माण की शुरुआत 12 मार्च 2024 को हुई थी और इसे 26 मार्च 2025 तक हर हाल में पूरा होना था। आज 2026 की फरवरी बीत रही है, यानी समयसीमा खत्म हुए करीब एक साल होने को है, लेकिन ठेकेदार ने अब तक काम पूरा नहीं किया है। निर्माण की सुस्त रफ्तार ने क्षेत्र के लगभग 192 जनजातीय ग्रामीणों की आवाजाही को मुश्किल में डाल दिया है।
मिट्टी और गिट्टी का ‘अनोखा’ मिश्रण 23 फरवरी 2026 को किए गए स्थल निरीक्षण में जो नजारा दिखा, वह विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। मानक प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करते हुए, गिट्टी के साथ सीधे मिट्टी मिलाकर सड़क पर बिछाई जा रही है। नियमानुसार, गिट्टी में डस्ट का नियंत्रित मिश्रण कर पानी के साथ रोलिंग होनी चाहिए, ताकि सतह मजबूत बने। लेकिन यहाँ गिट्टी पर मिट्टी डालकर ऊपर से केवल डस्ट छिड़क कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
विभागीय चुप्पी ने बढ़ाई शंका हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर निगरानी के लिए विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। इस पूरे मामले पर कार्यपालन अभियंता संतोष नाग का अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों की यह खामोशी भ्रष्टाचार की आशंकाओं को और बल दे रही है।
जनता का पैसा और टिकाऊपन पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण की बुनियाद ही इतनी कमजोर होगी, तो यह सड़क पहली ही बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण परियोजना में गुणवत्ता की अनदेखी न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि सीधे तौर पर जनहित के साथ खिलवाड़ है।











