IPS Jitendra Shukla NSG : रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के 2013 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें देश की प्रीमियम सुरक्षा इकाई नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील को पत्र भेजकर उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
एसपी रैंक के बराबर होगी जिम्मेदारी
वर्तमान में आईपीएस जितेंद्र शुक्ला छत्तीसगढ़ में कार्यरत हैं और अगले महीने जनवरी में उन्हें ‘सलेक्शन ग्रेड’ मिलने वाला है। एनएसजी में ग्रुप कमांडर का पद जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के समकक्ष माना जाता है। जितेंद्र शुक्ला का सेंट्रल डेपुटेशन पर जाना राज्य पुलिस सेवा के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सुकमा से दुर्ग तक का रहा है सफल सफर
जितेंद्र शुक्ला छत्तीसगढ़ के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने सुकमा, महासमुंद, राजनांदगांव और दुर्ग जैसे जिलों में बतौर एसपी बेहतरीन कार्य किया है। नारायणपुर में बटालियन कमांडेंट रहते हुए उन्होंने ‘मलखंभ’ खेल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
6 साल का संघर्ष और सफलता की कहानी
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) के रहने वाले जितेंद्र शुक्ला का जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।
-
शिक्षा: राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा के बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से भूगोल में एमए किया।
-
यूपीएससी का सफर: उनके पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन जितेंद्र ने आर्ट्स चुना। शुरुआती तीन प्रयासों में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी।
-
उपलब्धि: 2012 की यूपीएससी परीक्षा में 243वीं रैंक हासिल कर वे आईपीएस बने। इससे पहले वे यूपी पीएससी में ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर भी चयनित हुए थे।
जितेंद्र शुक्ला को न केवल उनकी प्रशासनिक दक्षता बल्कि खेलों, विशेषकर क्रिकेट और मलखंभ के प्रति उनके जुनून के लिए भी जाना जाता है।













