नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित हमलों को लेकर भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इसी बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से जुड़ा एक फैसला दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों में नई तल्खी ले आया। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम में शामिल किए जाने के बाद विरोध और तेज हो गया। हालात को देखते हुए बीसीसीआई को हस्तक्षेप करना पड़ा और अंततः केकेआर ने मुस्तफिजुर को टीम से बाहर कर दिया।
बीसीसीआई के हस्तक्षेप से बदला फैसला
सूत्रों के अनुसार, बढ़ते विरोध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के बाद बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी से स्थिति की समीक्षा करने को कहा। इसके बाद केकेआर ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को बाहर करने का निर्णय लिया। इस फैसले ने बांग्लादेश में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया।
आईसीसी से शिकायत की तैयारी में बीसीबी
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए आपात बैठक बुलाई। बोर्ड ने फैसला किया कि वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा। बीसीबी का कहना है कि टी-20 वर्ल्ड कप में भारत में होने वाले बांग्लादेश के मुकाबलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश के तीन टी-20 वर्ल्ड कप मैच कोलकाता में प्रस्तावित हैं।
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श्रीलंका में मैच कराने की मांग
बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ जनरल ने सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए कहा कि बांग्लादेश अपने विश्व कप मुकाबलों को भारत के बजाय श्रीलंका में आयोजित कराने की मांग करेगा। उनका कहना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और मौजूदा माहौल में भारत में सुरक्षित महसूस करना मुश्किल है।
IPL प्रसारण रोकने की चेतावनी
आसिफ जनरल ने यह भी संकेत दिया कि बांग्लादेश सरकार से आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। सोशल मीडिया पर साझा बयान में उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को खिलाड़ियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
क्रिकेट से आगे बढ़ता विवाद
इस पूरे विवाद ने स्पष्ट कर दिया है कि खेल से जुड़ा एक निर्णय भी कैसे राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है। अब सभी की निगाहें आईसीसी के रुख और भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों के भविष्य पर टिकी हैं।













