Indore RTO Action Rapido : इंदौर (06 फरवरी 2026): इंदौर में रैपिडो बाइक चालक द्वारा नाबालिग से किए गए दुष्कर्म के मामले ने परिवहन विभाग को नींद से जगा दिया है। नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित हो रही रैपिडो बाइक टैक्सियों पर नकेल कसने के लिए आरटीओ विभाग ने एक ‘सीक्रेट मिशन’ चलाकर 13 बाइकों को जब्त किया है।
आरटीओ का अनूठा ‘ट्रैप’
पिछले दिनों रावजी बाजार इलाके में हुई शर्मनाक घटना के बाद परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों ने ही यात्री बनकर रैपिडो एप्लीकेशन के माध्यम से राइड बुक की। जैसे ही बाइक चालक लोकेशन पर पहुँचे, उन्हें आरटीओ कार्यालय ले जाकर वाहन जब्त कर लिए गए। इस अचानक हुई कार्रवाई से चालकों में अफरा-तफरी मच गई।
नियमों की धज्जियां उड़ा रही कंपनी
जांच में सामने आया है कि रैपिडो कंपनी केंद्र सरकार के कड़े नियमों का पालन नहीं कर रही है:
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रजिस्ट्रेशन का फर्जीवाड़ा: कमर्शियल की जगह डोमेस्टिक (निजी) वाहनों का उपयोग सवारियां ढोने के लिए किया जा रहा है।
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लाइसेंस और बीमा: चालकों के पास न तो कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस मिला और न ही वाहनों का कमर्शियल बीमा था।
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वेरिफिकेशन की कमी: अधिक इंसेंटिव का लालच देकर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के युवाओं को चालक बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
दफ्तर बंद कर भागे संचालक
आरटीओ की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद इंदौर में रैपिडो कंपनी के संचालक अपना ऑफिस बंद कर फरार हो गए हैं। विभाग अब कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
अधिकारियों का पक्ष
“केंद्र सरकार के नियमों के तहत बाइक टैक्सी के लिए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और बीमा अनिवार्य है। रैपिडो इन शर्तों का उल्लंघन कर रही थी। दुष्कर्म की घटना के बाद हमने 13 वाहनों पर चालानी कार्रवाई कर उन्हें जब्त किया है। कंपनी के संचालकों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।” — अर्चना मिश्रा, एआरटीओ, इंदौर
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाली किसी भी कंपनी को शहर में संचालित नहीं होने दिया जाएगा।













