Tuesday, August 18, 2026
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Indore Police Action : इंदौर में पुलिस की बड़ी गाज: किन्नर विवाद में लापरवाही पर पढ़रीनाथ थाना प्रभारी लाइन अटैच

Indore Police Action : इंदौर (09 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पढ़रीनाथ थाना क्षेत्र में किन्नरों के दो गुटों के बीच हुए विवाद के मामले में पुलिस विभाग ने अपने ही अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने और आरोपियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचाने के आरोप में पढ़रीनाथ थाना प्रभारी अजय राजोरिया को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

बीते दिनों पढ़रीनाथ थाना क्षेत्र में किन्नरों के दो पक्षों में विवाद हुआ था। इसमें एक पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने किन्नर सपना हाजी और उनके साथियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और उगाही जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। आरोप था कि आरोपियों द्वारा पीड़ित पक्ष को डरा-धमकाकर पैसों की मांग की जा रही थी और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

कमजोर जांच का फायदा और कार्रवाई

मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि थाना प्रभारी अजय राजोरिया ने पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद अदालत में मजबूत पक्ष नहीं रखा। केस डायरी में की गई कमजोर पैरवी का सीधा फायदा आरोपियों को मिला और उन्हें आसानी से जमानत मिल गई। जब इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारियों तक पहुँची, तो पूरे प्रकरण की आंतरिक समीक्षा की गई। प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर डीसीपी ने उन्हें लाइन का रास्ता दिखा दिया।

जमानत रद्द कराने की तैयारी

इंदौर पुलिस अब अपनी गलती सुधारने की कवायद में जुट गई है। डीसीपी कृष्णलाल चंदानी ने स्पष्ट किया है कि जिन आरोपियों को जांच में ढिलाई के चलते जमानत मिली है, उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए पुलिस जल्द ही न्यायालय में आवेदन लगाएगी। इसके लिए साक्ष्यों को दोबारा संकलित किया जा रहा है और कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।

महकमे में हड़कंप

थाना प्रभारी पर हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी पाई जाती है, तो उन पर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए पुलिस नए सिरे से केस को मजबूत करने में जुटी है।

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