इंदौर: शहर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के 4 बजे भीषण आग लगने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से लगी, जिसने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
रबर कारोबारी समेत 8 लोगों की मौत
इस भीषण हादसे में शहर के रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन और बिहार से आए 6 रिश्तेदारों की जान चली गई।घटना के वक्त सभी लोग घर के अंदर सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
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गैस सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी तबाही
पुलिस के मुताबिक, कार में लगी आग तेजी से पूरे घर में फैल गई और अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया।कुछ ही देर में एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे, जिससे जोरदार धमाके हुए और पूरा इलाका दहल उठा।धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान का एक हिस्सा ढह गया।
डिजिटल लॉक बना जानलेवा
हादसे के दौरान बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे घर में लगे डिजिटल लॉक नहीं खुल पाए।इस वजह से अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके और आग में फंसकर उनकी मौत हो गई। यह पहलू हादसे को और भी गंभीर बना रहा है।
राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमें
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 18, 2026
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया शोक
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।उन्होंने दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने EV चार्जिंग और घरेलू सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है, वरना इस तरह के हादसे दोबारा भी हो सकते हैं।










