निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर के बरलाई स्थित मालवा सहकारी शक्कर कारखाने की भूमि उद्योगपतियों को दिए जाने के प्रस्ताव के विरोध में अंशधारक किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन इंदौर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने किया।
नामांतरण प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों के अनुसार कारखाने की लगभग 30.133 हेक्टेयर भूमि के नामांतरण के लिए औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा एसडीएम कार्यालय में आवेदन किया गया था।
एसडीएम कार्यालय सांवेर की ओर से जारी विज्ञप्ति में सात दिन के भीतर आपत्ति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। किसानों का कहना है कि उन्होंने समयसीमा के भीतर आपत्ति प्रस्तुत कर दी थी, इसके बावजूद भूमि पर निर्माण कार्य जारी है।
किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान अंशधारक किसानों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं—
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भूमि नामांतरण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।
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अंशधारक सदस्यों को उनके हिस्से के अनुपात में जमीन दी जाए या वर्तमान बाजार भाव के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
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बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
आगे की रणनीति का संकेत
किसानों और कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बरलाई शक्कर कारखाना भूमि विवाद अब प्रशासन, किसानों और राजनीतिक दलों के बीच एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में अहम फैसले संभव हैं।













