निशानेबाज़ न्यूज़ डेस्क : इंडिगो एयरलाइन का फ्लाइट संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांचवें दिन भी देशभर में फ्लाइट कैंसिलेशन जारी रहा, जिसका सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल एयरपोर्ट पर देखने को मिला। सही जानकारी न मिलने से यात्री खासे परेशान हैं और एयरपोर्ट के बाहर तथा अंदर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी हुई है।
इंदौर में 30 इंडिगो फ्लाइट्स रद्द
मध्य प्रदेश का सबसे व्यस्त देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट, इंदौर इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। शनिवार को यहां कुल 30 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं।
दिल्ली, मुंबई, पुणे, चंडीगढ़, हैदराबाद, गोवा, नागपुर, जम्मू और चेन्नई जैसे प्रमुख मार्गों की उड़ानें भी कैंसिल रहीं।
फ्लाइट की सटीक स्थिति की जानकारी न मिलने पर यात्रियों का गुस्सा उफान पर दिखा। कई यात्रियों ने इंडिगो स्टाफ से बहस की और रिफंड व रीबुकिंग को लेकर नाराज़गी जताई। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग घंटों तक अपडेट के लिए भटकते रहे।
भोपाल एयरपोर्ट पर भी उड़ानें ठप
राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल से रविवार को दो महत्वपूर्ण फ्लाइट्स—मुंबई और बेंगलुरु रूट—रद्द कर दी गईं।एक अन्य बेंगलुरु फ्लाइट भी निर्धारित समय से काफी देरी से रवाना हुई।
फ्लाइट रद्द होने से कई यात्रियों की मेडिकल अपॉइंटमेंट्स, बिज़नेस मीटिंग्स और आगे की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट अधिकारियों पर यात्रियों ने समय पर सूचना न देने का आरोप लगाया।
FDTL नियम बना संकट की जड़
इंडिगो एयरलाइन की दिक्कतें DGCA द्वारा लागू किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के दूसरे चरण के नियम से बढ़ीं, जिसके कारण बड़ी संख्या में पायलट और क्रू ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं हो पाए।नतीजतन, पिछले 5 दिनों में लगभग 4000 फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं।
सरकार ने दिया दखल
एविएशन मिनिस्ट्री, DGCA और इंडिगो प्रबंधन की बैठक के बाद सरकार ने FDTL को कुछ समय के लिए वापस ले लिया है।साथ ही इंडिगो को आदेश दिया गया है कि—
- 7 दिसंबर रात 8 बजे तक सभी यात्रियों को रिफंड या रिबुकिंग दी जाए
- फ्लाइट शेड्यूल स्थिर करके ऑपरेशन सामान्य किए जाएं
सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, हालांकि यात्रियों की परेशानी अभी भी जारी है।













