नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा है कि सीमा पार अब भी 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं और भारतीय सेना के पास इन सभी ठिकानों की पूरी जानकारी मौजूद है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर इन कैंपों से किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो भारत एक बार फिर कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।
आर्मी डे से पहले बड़ा संदेश
13 जनवरी को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख ने देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, आधुनिकीकरण और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 15 जनवरी को आर्मी डे से पहले हुई।
8 आतंकी कैंप पर सेना की पैनी नजर
जनरल द्विवेदी ने बताया कि इनमें से 2 आतंकी कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर पर और 6 लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास मौजूद हैं। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर इन ठिकानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। अनुमान के मुताबिक इन कैंपों में 100 से 150 आतंकी मौजूद हो सकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी
सेना प्रमुख ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 में से 7 बड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह किया गया। यह अभियान 7 मई से 10 मई तक चला। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में हालात नियंत्रण में हैं, हालांकि ऑपरेशन अभी भी जारी है।
स्वदेशी ताकत पर फोकस
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का 90% गोला-बारूद अब स्वदेशी हो चुका है। ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महिलाओं की भर्ती बढ़ेगी
सेना प्रमुख ने बताया कि CMP के बाद अब AEC और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) कैटेगरी में भी महिलाओं की सैनिक/अग्निवीर के रूप में भर्ती की जाएगी।
न्यूक्लियर मुद्दे पर स्थिति साफ
जनरल द्विवेदी ने साफ किया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में परमाणु हथियारों पर कोई चर्चा नहीं हुई। इस तरह के बयान केवल राजनीतिक या सार्वजनिक मंचों से आए थे।











