India-US trade talks : ट्रेड डील में बड़ी शर्त – भारत ने US कृषि उत्पादों को किया बाहर, US टैरिफ पर मोलभाव जारी

VIKASH KHALKHO

India-US trade talks : नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने डिफेंस इक्विपमेंट, एनर्जी प्रोडक्ट्स और एविएशन सेक्टर में अमेरिका से खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को संतुलित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, भारत ने अपनी घरेलू कृषि को बचाने के लिए अमेरिकी कृषि उत्पादों (Agricultural Products) को भारतीय बाजारों में प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया है।

किसानों का केंद्रीकृत डाटा बैंक।

India-US trade talks : सहमति के क्षेत्र और मुख्य शर्तें

सूत्रों के अनुसार, भारत ने ट्रेड डील के तहत अमेरिका से निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग और खरीद को बढ़ावा देने का वादा किया है:

  • डिफेंस इक्विपमेंट: भारत अमेरिकी रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाएगा।

  • एनर्जी प्रोडक्ट्स: अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

  • एविएशन इक्विपमेंट: नागरिक उड्डयन से संबंधित उपकरणों की खरीद पर सहमति।

समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को दूर करना और टैरिफ से जुड़े विवादों को हल करना है।

India-US trade talks : कृषि उत्पादों पर भारत का स्पष्ट रुख

Informist न्यूज़ एजेंसी के हवाले से सरकारी सूत्रों ने बताया कि व्यापार वार्ता के दौरान, भारत ने कृषि सेक्टर को बातचीत से बाहर रखने का फैसला किया है। भारत का मानना है कि अमेरिकी कृषि उत्पादों को अनुमति देने से भारतीय किसानों पर प्रतिस्पर्धा का अत्यधिक दबाव पड़ेगा, जिससे उनकी आय प्रभावित हो सकती है। इस कारण इस ट्रेड डील में कृषि उत्पादों की एंट्री पर ‘नो-एंट्री’ का रुख अपनाया गया है।

India-US trade talks : टैरिफ कटौती की मांग

भारत इस डील के तहत अमेरिका से दो चरणों में टैरिफ कटौती की मांग कर रहा है। वर्तमान में, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर कुल 50% टैरिफ लगाया हुआ है, जिसमें 25% रेसिप्रोकल टैरिफ और 25% एक्स्ट्रा टैरिफ शामिल हैं।

  1. पहला चरण: भारत चाहता है कि डील से पहले अमेरिका 25% एक्स्ट्रा टैरिफ को हटा दे, जिससे भारतीय वस्तुओं की अमेरिकी बाजार में पहुंच बढ़ सके।

  2. दूसरा चरण: इसके बाद, भारत बाकी 25% रेसिप्रोकल टैरिफ में भी कटौती की मांग उठाएगा, ताकि दोनों देशों के व्यापार संबंध पूरी तरह से पटरी पर आ सकें।

India-US trade talks : पीयूष गोयल का बयान

यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब एक दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर के “अब तक के सबसे अच्छे प्रस्ताव” वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। गोयल ने कहा था, “अगर अमेरिका को लगता है कि यह सबसे अच्छा प्रस्ताव है, तो उन्हें इस डील पर साइन कर देना चाहिए।” हालांकि, उन्होंने डील पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, लेकिन पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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