भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : नई दिल्ली | भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर जारी गतिरोध को समाप्त करने के प्रयास तेज़ हो गए हैं। इसी क्रम में अमेरिका की व्यापारिक प्रतिनिधि टीम 25 अगस्त को नई दिल्ली पहुंचेगी, जहां वह भारत सरकार के साथ छठे दौर की व्यापार वार्ता में शामिल होगी।
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सूत्रों के अनुसार, दोनों देश 1 अगस्त की समयसीमा के भीतर एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व पांच दौर की वार्ता में कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी थी।
सूत्र बताते हैं कि अमेरिका चाहता है कि भारत कुछ औद्योगिक वस्तुओं के अलावा इलेक्ट्रिक वाहन, वाइन, पेट्रोकेमिकल्स, डेयरी और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में रियायत दे। दूसरी ओर, भारत की मांग है कि अमेरिका कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण, प्लास्टिक, झींगा, अंगूर, केले और तिलहन जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को शुल्क राहत प्रदान करे।
हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह डेयरी और कृषि क्षेत्र को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखना चाहता है। यही बिंदु दोनों पक्षों के बीच मुख्य अवरोध बना हुआ है।
पिछले सप्ताह वाशिंगटन में हुई बातचीत में भारत की ओर से विशेष सचिव (वाणिज्य) राजेश अग्रवाल और अमेरिकी पक्ष से ब्रेंडन लिंच (सहायक व्यापार प्रतिनिधि, दक्षिण व मध्य एशिया) शामिल हुए थे। वार्ता के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने एक इंटरव्यू में कहा, “भारत के साथ हमारी बातचीत रचनात्मक रही है, लेकिन समझौते तक पहुंचने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे।”
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गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व में भारत सहित कई देशों पर टैरिफ छूट की समयसीमा 1 अगस्त तक तय की थी। ऐसे में यदि दोनों देशों के बीच इस तारीख से पहले कोई समझौता नहीं होता, तो भारत के कुछ उत्पादों पर शुल्क दोबारा लग सकता है।
सरकारी सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि “25 अगस्त को होने वाली छठे दौर की वार्ता निर्णायक हो सकती है।” इस वार्ता में अंतरिम समझौते पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।













