कटनी : कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहिरघटा गांव में अवैध रेत उत्खनन का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार उमराड़ नदी और महानदी के संगम स्थल पर खनिज विभाग की अनुमति के बिना नदी में रैंप बनाकर भारी मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इस गतिविधि से न केवल सरकारी नियमों की खुलेआम अवहेलना हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
बिना अनुमति नदी में बनाया गया रैंप
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नदी के भीतर अवैध रूप से मिट्टी और पत्थरों से रैंप तैयार किया गया है, जिसके सहारे बड़ी-बड़ी मशीनें नदी तल तक पहुंच रही हैं। नियमों के अनुसार नदी में किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण प्रतिबंधित है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की अनदेखी से अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।
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पहले ही सरेंडर हो चुका है ठेका
गौरतलब है कि पूर्व में रेत ठेकेदार फर्म धनलक्ष्मी कंपनी द्वारा समय से पहले ही ठेका सरेंडर कर दिया गया था। इसके बावजूद संगम स्थल पर लगातार रेत निकासी की जा रही है, जिससे खनन माफिया की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिवक्ता ने की कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर अधिवक्ता अनिल सिंह सेंगर ने जिला प्रशासन से अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही मशीनों को जब्त करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में अवैध उत्खनन पर लगाम कब लगेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।













