Health: ऑफिस में लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर एक ही मुद्रा में बना रहता है। इसका असर खासतौर पर गर्दन, कंधों और कमर पर महसूस हो सकता है। काम के बीच थोड़ा समय निकालकर शरीर को हल्का मूवमेंट देना इस जकड़न से निपटने की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाया जा सकता है।
ताई ची क्या है?
ताई ची चीन से जुड़ी एक पारंपरिक शारीरिक अभ्यास पद्धति है। इसमें शरीर को धीमी और नियंत्रित गति से मूव किया जाता है और साथ ही सांस पर ध्यान दिया जाता है। इसके कई आसान मूवमेंट बिना किसी उपकरण के किए जा सकते हैं और कुछ मूवमेंट बैठकर भी की जा सकती हैं।
5 मिनट का ब्रेक
काम के बीच सबसे पहले कुर्सी पर सीधे बैठें और दोनों पैर जमीन पर रखें। कंधों को ढीला छोड़ें और सांस लें। इसके बाद हाथों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और फिर नीचे लाएं। हाथ ऊपर ले जाते समय सांस अंदर लें और नीचे लाते हुए सांस छोड़ें।
हाथों को घुमाएं
दोनों हाथों को सामने रखें और उन्हें धीरे-धीरे दाएं से बाएं और फिर बाएं से दाएं ले जाएं। अगर शरीर सहज महसूस करे तो कमर को भी हल्का घुमा सकते हैं। किसी भी मूवमेंट में झटका देने या जरूरत से ज्यादा शरीर घुमाने से बचें।
कंधों को एक्टिव रखें
अब दोनों हाथों को छाती के सामने रखें। उन्हें धीरे-धीरे आगे की तरफ ले जाएं और फिर वापस अपनी ओर लाएं। इस दौरान पीठ को सीधा रखने की कोशिश करें। मूवमेंट को तेज करने के बजाय आराम से और नियंत्रित तरीके से करें।
सांस पर ध्यान
आखिर में कुछ देर आराम से बैठें या खड़े रहें। धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। कुछ समय अपना ध्यान केवल सांस की गति पर रखें। इससे छोटे ब्रेक के दौरान शरीर को आराम देने का मौका मिलता है।
क्या हो सकते हैं फायदे?
ताई ची पर कुछ अध्ययनों में कमर दर्द और घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़े दर्द या जकड़न में भी संभावित लाभ देखा गया है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।
इसके धीमे मूवमेंट और सांस पर ध्यान देने की वजह से तनाव और मूड से जुड़े कुछ पहलुओं में भी मदद मिल सकती है। हालांकि इनको लेकर अभी और शोध की जरूरत है।
रखें सावधानी
ताई ची के मूवमेंट हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार करें। अगर किसी गतिविधि के दौरान तेज दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या दूसरी असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।






