Health: स्ट्रेस में होने लगती है घबराहट और बेचैनी? 4-7-8 समेत सांस लेने की ये 3 तकनीक दिलाएंगी राहत

News Desk

तनाव बढ़ने पर क्यों होने लगती है बेचैनी?

आजकल काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और रोजमर्रा की भागदौड़ के कारण तनाव होना आम बात है। कई बार छोटी-छोटी परेशानियां भी दिमाग पर इतना असर डालती हैं कि व्यक्ति को बेचैनी महसूस होने लगती है। तनाव बढ़ने पर दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना, घबराहट होना और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में कुछ आसान ब्रीदिंग तकनीक यानी सांस लेने के तरीके मन और शरीर को शांत करने में मदद कर सकते हैं।

1. पेट से सांस लेने की तकनीक

पेट से सांस लेने का तरीका तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में मदद कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं या लेट जाएं। अब एक हाथ अपनी छाती पर और दूसरा पेट पर रखें। धीरे-धीरे नाक से सांस अंदर लें। इस दौरान कोशिश करें कि आपका पेट ऊपर की तरफ उठे और छाती में कम हलचल हो। इसके बाद धीरे-धीरे मुंह या नाक से सांस बाहर छोड़ें।

2. बॉक्स ब्रीदिंग से बढ़ाएं फोकस

अगर किसी जरूरी काम, मीटिंग या प्रेजेंटेशन से पहले घबराहट हो रही है, तो बॉक्स ब्रीदिंग का तरीका अपना सकते हैं। इसे करना काफी आसान है। सबसे पहले चार गिनती तक नाक से सांस अंदर लें। फिर चार गिनती तक सांस रोककर रखें। इसके बाद चार गिनती तक धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें। अब फिर चार गिनती तक रुकें और यही प्रक्रिया दोहराएं। इस तरीके से सांसों पर ध्यान लगाने में मदद मिलती है और मन को कुछ देर के लिए दूसरी परेशानियों से दूर रखा जा सकता है।

3. 4-7-8 तकनीक से करें मन शांत

तनाव और घबराहट के समय 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक भी आजमा सकते हैं। इसमें सबसे पहले चार गिनती तक नाक से सांस अंदर लें। इसके बाद सात गिनती तक सांस रोकें और फिर मुंह से आठ गिनती तक धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।

कब डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है?

सांस लेने के ये तरीके हल्के तनाव और बेचैनी के समय आराम पाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर बार-बार घबराहट होती है या सांस लेने में परेशानी बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सीने में दर्द, बहुत ज्यादा सांस फूलना, चक्कर आना या बेहोशी जैसी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर की मदद लें। याद रखें, ब्रीदिंग तकनीक इलाज का विकल्प नहीं हैं।

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