Health: कई लोग नियमित एक्सरसाइज करते हैं, घर का खाना खाते हैं और उनका वजन भी सामान्य रहता है। ऐसे में वे मान लेते हैं कि उनकी सेहत पूरी तरह ठीक है। लेकिन शरीर का पतला दिखना हमेशा अंदरूनी सेहत की गारंटी नहीं होता। कुछ स्वास्थ्य समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनके शुरुआती चरण में व्यक्ति को कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती।
ब्लड प्रेशर बढ़ा रहना
हाई ब्लड प्रेशर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई लोगों को इसके स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। सामान्य वजन वाले और नियमित व्यायाम करने वाले लोगों को भी यह समस्या हो सकती है। लंबे समय तक ब्लड प्रेशर नियंत्रित न रहने से हृदय, मस्तिष्क और किडनी पर असर पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है।
बार-बार थकान महसूस होना
पर्याप्त आराम करने के बाद भी लगातार थकान रहना शरीर में किसी समस्या का संकेत हो सकता है। नींद की कमी, तनाव, एनीमिया, थायराइड की गड़बड़ी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इसकी वजह बन सकती हैं। अगर थकान के साथ सांस फूलना, बार-बार पेशाब आना या बिना कोशिश के वजन कम होना भी दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लें।
चलते या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना
रोजमर्रा के काम करते समय अचानक पहले से ज्यादा सांस फूलने लगे या शारीरिक क्षमता कम महसूस हो, तो इसे सिर्फ कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
नींद पूरी होने पर भी थकान रहना
तेज खर्राटे लेना, रात में बार-बार नींद खुलना, सुबह सिरदर्द होना और दिन में बहुत ज्यादा नींद आना स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं। इस समस्या में सोते समय सांस बार-बार रुकने या कम होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना
सामान्य से ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब जाना, खासकर जब दोनों समस्याएं एक साथ हों, हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह बनती हैं। किडनी की बीमारी शुरुआती दौर में बिना स्पष्ट लक्षणों के भी रह सकती है।
आराम करते समय दिल की धड़कन तेज होना
तनाव, कैफीन, बुखार और कुछ दवाओं के कारण दिल की धड़कन तेज हो सकती है। लेकिन आराम करते समय बार-बार धड़कन तेज महसूस होना या धड़कनों का अनियमित होना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।
सेहत के लिए नियमित जांच भी जरूरी
स्वस्थ रहने के लिए केवल वजन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी है। अगर कोई लक्षण लगातार बना रहे या अचानक गंभीर हो जाए, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।