[Nishanebaaz News]। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग में भारी उछाल आ जाता है। भारतीय मिठाइयों को बनाने में जिस मुख्य सामग्री का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, वह है मावा (खोया)। हालांकि, मांग में अचानक आई इस तेजी का फायदा उठाने के लिए मुनाफाखोर बाजार में नकली और मिलावटी मावा खपाने की कोशिश करते हैं। मिलावटी मावा न केवल मिठाइयों का स्वाद खराब करता है, बल्कि आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
हालांकि केवल देखने भर से असली और नकली मावे में अंतर कर पाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन कुछ आसान और व्यावहारिक बातों का ध्यान रखकर आप मिलावटी मावे की पहचान कर सकते हैं:
रंग और बनावट (Texturing) पर दें ध्यान: असली मावा आमतौर पर हल्के क्रीम या स्वाभाविक सफेद रंग का होता है तथा छूने में बेहद नरम और दानेदार होता है। यदि मावा बहुत ज्यादा चमकदार, असामान्य रूप से एकदम सफेद या किसी अलग रंग का दिखाई दे तो उसे खरीदने से बचें। मावे को हाथ की उंगलियों से हल्का दबाकर देखें; यदि वह रबड़ की तरह खिंचता है या बहुत सख्त महसूस होता है, तो उसमें मिलावट हो सकती है।
खुशबू से करें असली-नकली की पहचान: शुद्ध मावे में शुद्ध दूध की हल्की और स्वाभाविक महक आती है। यदि मावे से तेज केमिकल, साबुन, डिटर्जेंट या किसी भी तरह की अजीब गंध आ रही हो, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। बासी या मिलावटी मावे में दूध की स्वाभाविक खुशबू पूरी तरह गायब हो जाती है।
थोड़ा सा मावा चखकर देखें: खरीदने से पहले यदि संभव हो तो दुकान पर थोड़ा सा मावा चखकर जरूर देखें। असली मावे का स्वाद हल्का मीठा और दूध जैसा प्राकृतिक होता है। यदि स्वाद में कड़वापन, साबुन जैसा अहसास या बहुत ज्यादा अप्राकृतिक मिठास महसूस हो, तो वह मावा मिलावटी हो सकता है।
घर पर करें आसान ‘आयोडीन टेस्ट’: मावे में स्टार्च, डिटर्जेंट या आलू की मिलावट जांचने के लिए घर पर आयोडीन टेस्ट किया जा सकता है। थोड़ा सा मावा लेकर उसमें पानी मिलाएं और उसे गर्म करने के बाद ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें। यदि मावे के मिश्रण का रंग बदलकर नीला या गहरा नीला-काला हो जाता है, तो यह उसमें स्टार्च की मिलावट का संकेत है।
हमेशा भरोसेमंद डेयरी से ही खरीदें: मावा या खोया हमेशा किसी पंजीकृत, पुरानी और विश्वसनीय डेयरी या दुकान से ही खरीदें। बहुत कम दाम में मिलने वाले मावे की गुणवत्ता पर हमेशा संदेह करें। यदि पैक्ड मावा खरीद रहे हैं, तो पैकेट पर एफएसएसएआई (FSSAI) का लाइसेंस नंबर, पैकिंग की तारीख और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर ऐसे मावे का इस्तेमाल न करें।





