रास्ते में चलते समय या घर के आसपास खेलते हुए अगर किसी कुत्ते ने काट लिया, तो घबराहट में लोग कई बार घाव पर हल्दी, सरसों का तेल या दूसरी घरेलू चीजें लगा देते हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। कुत्ते के काटने पर सबसे जरूरी है कि घाव को तुरंत अच्छी तरह साफ किया जाए और बिना देर किए अस्पताल पहुंचा जाए। समय पर इलाज मिलने से रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। इसलिए घाव छोटा दिखने पर भी लापरवाही न करें।
कुत्ते के काटने पर सबसे पहले करें ये 4 काम
1. साबुन और बहते पानी से धोएं घाव
कुत्ते के काटते ही घाव को साफ बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं। इससे घाव में पहुंची लार और वायरस की मात्रा कम करने में मदद मिलती है। अगर घाव में गंदगी दिखाई दे, तो सफाई के दौरान उसे भी हटाने की कोशिश करें। दर्द या खून आने के कारण घाव धोना बंद न करें।
2. घाव पर लगाएं सही एंटीसेप्टिक
सफाई के बाद घाव को साफ कपड़े या गॉज से हल्के हाथों से सुखाएं। इसके बाद पोविडोन आयोडीन जैसे उपयुक्त एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोई दूसरी घरेलू चीज घाव पर न लगाएं। घाव को कसकर बांधने या खुद से सिलने की कोशिश भी न करें।
3. तुरंत अस्पताल जाकर शुरू कराएं इलाज
नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। डॉक्टर घाव की स्थिति और काटने के तरीके के आधार पर रेबीज से बचाव के टीके और दूसरे जरूरी उपचार की सलाह देंगे। टीके की सभी खुराकें तय समय पर लगवाना जरूरी है। इलाज बीच में छोड़ने या लक्षणों का इंतजार करने से बचें।
4. गहरे घाव में इम्युनोग्लोबुलिन की जरूरत हो सकती है
अगर कुत्ते ने त्वचा को गहराई तक काटा है, खून निकला है या घाव चेहरे, सिर, गर्दन और हाथों पर है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। कुछ गंभीर मामलों में रेबीज वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) की भी जरूरत पड़ सकती है। यह घाव के आसपास दिया जाता है और इसकी जरूरत डॉक्टर तय करते हैं।
कुत्ते को देखने के लिए इलाज न टालें
कई लोग काटने वाले कुत्ते के ठीक दिखने या 10 दिन तक जीवित रहने का इंतजार करते हैं। लेकिन इस वजह से अपना इलाज शुरू करने में देरी नहीं करनी चाहिए। कुत्ते की निगरानी पशु चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार की जाती है। डॉक्टर को कुत्ते के बारे में जानकारी दें और उनके निर्देशों का पालन करें।
रेबीज के लक्षण दिखाई देने के बाद बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है, लेकिन समय पर घाव की सफाई और जरूरी उपचार से इससे बचाव किया जा सकता है। इसलिए कुत्ते के काटने को मामूली चोट समझकर नजरअंदाज न करें।