Har Ghar Tiranga : रायपुर, छत्तीसगढ़: देश की आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में, छत्तीसगढ़ में भी “हर घर तिरंगा” अभियान का भव्य शुभारंभ हो गया है। आज 2 अगस्त, 2025 से शुरू होकर यह कार्यक्रम 15 अगस्त तक, “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” की अनूठी थीम पर आधारित रहेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करना, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना और साथ ही स्वच्छता व जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है।
Har Ghar Tiranga : तीन चरणों में चलेगा अभियान: एक विस्तृत रोडमैप
यह कार्यक्रम तीन विशिष्ट चरणों में संचालित होगा, जिसमें विभिन्न गतिविधियां शामिल की गई हैं:
- प्रथम चरण (2 से 8 अगस्त): कला, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का संगम इस चरण में विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को तिरंगा आर्ट से सजाया जाएगा, जो देखते ही बनेगा। रंगोली प्रतियोगिताएं, राष्ट्रीय ध्वज के स्थानीय इतिहास पर आधारित प्रश्नोत्तरी, और तिरंगा राखी बनाने की कार्यशालाएं व प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। विशेष रूप से, सार्वजनिक स्थानों पर तीन रंगों के धागों से तिरंगे की बुनाई का प्रदर्शन किया जाएगा, जो कारीगरी और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत मेल होगा। विद्यालयों में तिरंगे के मूल्यों और उसकी भावना से प्रेरित पत्र लेखन प्रतियोगिताएं छात्रों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देंगी।
- द्वितीय चरण (9 से 12 अगस्त): जनभागीदारी और उत्सव का माहौल यह चरण पूरी तरह से जनसहभागिता पर केंद्रित है। सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा मेला और तिरंगा कंसर्ट का आयोजन किया जाएगा, जहाँ जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तियों और खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। तिरंगा कंसर्ट में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जो दर्शकों को भाव-विभोर कर देंगे। इसके अतिरिक्त, राज्यभर में तिरंगा रैली, बाइक रैली और साइकिल रैली का आयोजन होगा, जिससे पूरे प्रदेश में देशभक्ति का संचार होगा।
- तृतीय चरण (13 से 15 अगस्त): राष्ट्रीय सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व अंतिम चरण में, समस्त शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, होटलों, कार्यालयों, बांधों और पुलों पर तिरंगा फहराया जाएगा और उन्हें रोशनी से जगमगाया जाएगा। इसी अवधि में स्वच्छता और जल संरक्षण से संबंधित विविध गतिविधियां भी संपन्न होंगी, जो स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देंगी।
व्यापक भागीदारी और जन-जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम की व्यापक सफलता सुनिश्चित करने के लिए पंपलेट, बैनर, स्टैंडीज़ जैसे प्रचार माध्यमों का उपयोग करते हुए स्थानीय भाषाओं में जोरदार प्रचार-प्रसार किया जाएगा। समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों, आवासीय भवनों में तिरंगा फहराया जाएगा और उन्हें रोशनी से सजाया जाएगा। सेल्फी ज़ोन बनाए जाएंगे और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
इस अभियान में जिले के अंतर्गत सार्वजनिक उपक्रमों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कॉर्पोरेट एवं निजी संगठनों को भी अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) संसाधनों सहित इस अभियान में भाग लेने और सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
संस्कृति विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार की वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए आमजन को सक्रिय रूप से सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सभी गतिविधियों को वेबसाइट www.harghartiranga.com से लिंक कर व्यापक रूप से प्रचारित किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों के सरपंचों, नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित होगी। स्थानीय स्व-सहायता समूहों को तिरंगे के निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और ग्राम पंचायतों में तिरंगे की बिक्री एवं वितरण के लिए केंद्र स्थापित होंगे। राज्य के सभी जिलों में डाकघर और उचित मूल्य की दुकानें भी तिरंगे के वितरण-बिक्री केंद्र के रूप में कार्य करेंगी। आमजन की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए टोल नाकों और चेक पोस्टों आदि पर पंपलेट्स और स्टीकर्स का वितरण किया जाएगा।
यह अभियान केवल ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक एकता, सामूहिक उत्सव और स्वतंत्रता के उन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है, जो स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संकल्पों के साथ मिलकर एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण करेंगे।











