Gwalior News : सबको हैरान कर देगा ये खबर…. ढाबा पर खाना बनाने वाले कुक को 46 करोड़ रुपए का आयकर विभाग का नोटिस

Sanjay Sahu
Gwalior News

Gwalior News : ग्वालियर/ भूपेन्द्र भदौरिया : ग्वालियर चंबल से एक ऐसा मामला समाने आया है…. जो सबको हैरान कर देगा। क्योंकि यहां, कुक हेल्पर को 46 करोड़ रुपए का आयकर विभाग ने नोटिस दिया है। नोटिस मिलने के बाद…. कुक की हालत खराब है, वो कहता उसकी सैलरी तो 8-10 हजार रुपए है। लेकिन उसके साथ पीएफ के अकाउंट खुलवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर लिया है…. जब उसकी फरियाद किसी ने नही सुनी है, तो उसने हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में गुहार लगाई है..

 

Gwalior News : एक निजी होटल…. खाना बना रहे है, इस शख्स का नाम रविंद्र सिंह चौहान है। रविंद्र भिंड के रहने वाले है। इनके एकाउंट से 46 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। यह बात आयकर विभाग के दिए गए नोटिस के बाद सामने आई है। दरअसल रोजी-रोटी की तलाश में पुणे पहुंचा रविंद्र सिंह चौहान एक कंपनी में काम करने लगा.. 9 अप्रैल 2025 को घर पर एक कागज आया, जो अंग्रेजी में था। घर पर पत्नी और बच्चे थे। न मैं ज्यादा पढ़ा-लिखा हूं न पत्नी। हमारे समझ में तो कुछ आया नहीं, इसलिए हम बात को भूल गए।

 

 

 

Gwalior News : 25 जुलाई को फिर से उसी प्रकार का कागज आया। परिवार ने फोन पर इसकी जानकारी दी। मुझे लगा, आखिर यह क्या है, और बार-बार क्यों आ रहा है। एक बार घर जाकर पता करता हूं। मैं पुणे से वापस घर लौट आया। मोहल्ले में ही रहने वाले परिचित वकील प्रद्युम्न सिंह भदौरिया के पास पहुंचा। उन्हें कागज दिखाया, इस पर उन्होंने बताया कि यह आयकर का नोटिस है। यह सुनते ही मेरे हाथ-पैर फूल गए। उसका कहना है कि मैं ढाबे में काम करता हूं, मेरे अकाउंट में साल के तीन लाख रुपए का भी लेन-देन नहीं हुआ, ऐसे में करोड़ों रुपए का नोटिस कैसे आ गया। जबकि उसकी सैलरी तो 8-10 हजार रुपए की है।

 

 

Gwalior News : रविंद्र ने एक महीने की पड़ताल की है… तो पता चला है, वो 7 साल पहले एक टोल कंपनी में काम के दौरान वहां के सुपरवाइजर ने दिल्ली में पीएफ का पैसा निकलवाने के लिए एक अकाउंट खुलवाया था। इसी से पूरा फर्जीवाड़ा हुआ है। उसने खाता बंद करवाने की बात भी कही, लेकिन कोई और उसका उपयोग करता रहा। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाने में भी की है। लेकिन कुछ नही हुआ है…. वो कहता है, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए 6वीं के बाद पढ़ाई से दूर होना पड़ा। पहले छोटे-मोटे काम कर लिया करता था। खाना बनाने का शौक था, इसलिए वही काम करने लगा।

 

 

Gwalior News : रविंद्र ने वकील से ओर पड़ताल कराई तो…. ये बात समाने आयी है, कि 6 जुलाई 2017 की बात है। जब रविंद्र पथ कंपनी के टोल प्लाजा पर रसोइया के हेल्पर के रूप में काम शुरू किया। कंपनी 10 हजार रुपए महीना दे रही थी। साल भर बाद 2018 में जून महीने में बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले शशिभूषण राय सुपरवाइजर बनकर आया। उसी ने उसके कागज पीएफ के अकाउंट के नाम पर लिए ओर फर्जीवाड़ा कर दिया। हालांकि अब रविंद्र के वकील इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जा रहे है।

 

Gwalior News : बहरहाल रविंद्र के मामले में….. अब तक पड़ताल में जो बात समाने आयी है, उसमें उसके खाते में तो तीन साल में तीन लाख से भी कम का लेनदेन हुआ है। लेकिन खाते में कम लेन-देन और करोड़ों का नोटिस है। जब आगे बात बढ़ी…. तो पता चला, रविंद्र के नाम से बैंक में दो अकाउंट हैं। एक भिंड, दूसरा दिल्ली में। दिल्ली वाला अकाउंट किसी शौर्या ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा है। इसी खाते से 46 करोड़ तक का ट्रांजेक्शन हुआ है। अभी में इस अकाउंट में करीब 13 लाख रुपए जमा हैं। लेकिन रविंद्र के समाने मुश्किल भरी बात ये है, उसकी आयकर विभाग से लेकर पुलिस सुन नही रही है… ऐसे में अब हाईकोर्ट से उम्मीद है, अब देखना होगा। रविंद्र को हाईकोर्ट से आयकर विभाग के नोटिस से राहत मिल पाती है,

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