ग्वालियर (भूपेन्द्र भदौरिया) – ग्वालियर खंडपीठ की हाईकोर्ट ने श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेनू गर्ग के एकल पीठ के तौर पर कार्य करने पर लगी रोक को फिलहाल कायम रखा है। सिविल रिवीजन के फैसले को अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।
फैसले के अनुसार, 2022 में हुए नगर पालिका चुनाव के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था। नगर पालिका अधिनियम की धारा 45 के तहत चुनाव के बाद यह नोटिफिकेशन अनिवार्य है, तभी अध्यक्ष अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं। बावजूद इसके, रेनू गर्ग अध्यक्ष के रूप में कार्य करती रहीं।
पहले इस मामले को श्योपुर जिला न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसमें चुनाव में कथित अनियमितताओं और गजट नोटिफिकेशन न होने का हवाला दिया गया। जिला न्यायालय ने पिटीशन को खारिज कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील हुई, लेकिन कोर्ट ने बिना नोटिफिकेशन के अध्यक्ष के काम करने पर रोक लगा दी और रिट अपील को भी खारिज कर दिया।
इस फैसले के साथ ही रेनू गर्ग के कार्य करने पर रोक प्रभावी हो गई है।
प्रतीप बिसौरिया, अधिवक्ता, हाईकोर्ट ग्वालियर











