भोपाल: मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने की तैयारी कर ली है। लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर नाराज अतिथि शिक्षक अब देशव्यापी आंदोलन की राह पर हैं। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने सर्वसम्मति से 31 जनवरी को बड़े आंदोलन का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
संभागीय सम्मेलनों से बनेगा आंदोलन का आधार
समन्वय समिति के अनुसार 25 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक प्रदेश के सभी संभागों में अतिथि शिक्षक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के माध्यम से शिक्षकों को एकजुट किया जाएगा और आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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31 जनवरी को भोपाल में प्रदर्शन
सम्मेलनों के बाद 31 जनवरी को राजधानी भोपाल में सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से अतिथि शिक्षक शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन केवल प्रदेश स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशव्यापी स्वरूप लेगा।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने आरोप लगाया है कि सरकार ने पूर्व में अतिथि शिक्षकों से किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया है। नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, मानदेय और भविष्य निधि जैसे मुद्दों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे शिक्षकों में असंतोष गहराता जा रहा है।
आंदोलन की रूपरेखा तय
समिति के अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारियों ने आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।











