Govindgarh Police Controversy : रीवा/गोविंदगढ़ (09 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के रीवा जिले अंतर्गत गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ डिहीया गांव की एक किशोरी, जो पिछले कई महीनों से मनचले की छेड़खानी और अश्लील हरकतों से परेशान थी, जब अपने परिवार के साथ थाने पहुँची, तो पुलिस ने उसकी मदद करने के बजाय उसके ही सगे बहनोई के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर दिया। न्याय की उम्मीद टूटने के बाद सोमवार को पीड़िता और उसके परिजन पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचे।
महीनों से प्रताड़ित कर रहा था आरोपी
पीड़िता ने बताया कि डिहीया गांव का निवासी अभिषेक साकेत उसे पिछले कई महीनों से परेशान कर रहा है। आरोपी न सिर्फ उसे अश्लील मैसेज भेजता है, बल्कि स्कूल आते-जाते समय फब्तियां कसता है और रास्ता रोककर हाथ पकड़ने का प्रयास भी करता है। जब किशोरी ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, तो उन्होंने पहले आरोपी को समझाइश दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो वे कानूनी मदद के लिए गोविंदगढ़ थाने पहुँचे।
पुलिस का संवेदनहीन रवैया
आरोप है कि गोविंदगढ़ थाने की पुलिस ने पीड़िता की आपबीती सुनने और आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पुलिस ने पीड़िता के बहनोई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर लिया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी बेगुनाही के तमाम सबूत और वीडियो पुलिस को दिखाए, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी और आरोपी युवक के प्रभाव में आकर झूठा केस दर्ज कर लिया।
एसपी कार्यालय में लगाई न्याय की गुहार
पुलिस के इस व्यवहार से ठगा सा महसूस कर रहे परिजन सोमवार दोपहर एसपी कार्यालय पहुँचे। यहाँ उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई और बताया कि किस तरह स्थानीय पुलिस दोषियों को संरक्षण दे रही है। पीड़िता की बड़ी बहन ने बाइट में बताया कि पुलिस का यह रवैया अपराधियों के हौसले बढ़ाने वाला है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया आश्वासन
एसपी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पीड़िता और उसके परिजनों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी निर्दोष पर अन्याय नहीं होगा और छेड़खानी के आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना के बाद से गोविंदगढ़ पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।













