रायपुर। Patwari Strike CG: छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और शासन-प्रशासन के बीच का टकराव लगातार गहराता जा रहा है। पीवी ऐप (PV App) को हटाने, वेतन विसंगति को दूर करने, पदोन्नति के अवसर देने और अन्य प्रमुख मांगों को लेकर बीते 13 अक्टूबर से प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे हुए हैं। इस हड़ताल के कारण आम जनता के राजस्व से जुड़े कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थिति को संभालते हुए प्रशासन ने भी आंदोलनरत पटवारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है, जिसके तहत अब तक राज्यभर में कुल 123 पटवारियों के खिलाफ निलंबन और तबादले जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। ताजा मामले में महासमुंद जिले के पांच पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
महासमुंद जिले में कलेक्टर विनय लंगेह के सख्त निर्देशों के बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। किसानों के राजस्व कार्यों में कथित लापरवाही, भूमि पंजीयन, पीवी ऐप सत्यापन और डीसीएस (DCS) सर्वे में संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने के आधार पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) द्वारा यह कदम उठाया गया है। जारी किए गए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, बागबाहरा तहसील के पटवारी भंगी राम ध्रुव, कमलेश डहरे और नीरज कुमार वर्मा के अलावा बसना अनुविभाग के तिलक राम चौधरी तथा सरायपाली अनुविभाग की पटवारी दमयंती नायक को निलंबित किया गया है। हालांकि, निलंबन अवधि के दौरान इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही इस प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई (निलंबन, कारण बताओ नोटिस और तबादले) से छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ में भारी रोष व्याप्त है। संघ का स्पष्ट कहना है कि पीवी ऐप के माध्यम से मैदानी स्तर पर काम करने में तमाम तरह की तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं, जिनका समाधान करने के बजाय सरकार और प्रशासन कर्मचारियों का दमन करने पर तुले हुए हैं। पटवारी संघ ने मांग की है कि सभी निलंबन आदेश, नोटिस और तबादले तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी सूत्रीय मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। इसी कड़ी में बस्तर संभाग के पटवारियों ने भी संभागा आयुक्त के नाम 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर कार्रवाई वापस लेने की हुंकार भरी है।
दूसरी ओर, धमतरी जिले के गांधी मैदान में छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 24वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। प्रशासन की ओर से जारी 48 घंटे के कारण बताओ नोटिस की समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद पटवारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने नोटिस की प्रतियां जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पटवारियों का कहना है कि लंबे समय से उपेक्षा का शिकार होने के कारण उन्हें मजबूरन इस हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा है। जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।