गौरी शंकर गुप्ता/खरसिया (रायगढ़)। Kharsia Journalist Assault Case: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले खरसिया क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला पत्रकार पूजा जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला मंत्री गायत्री केशरवानी सहित करीब 10 लोगों पर बीती रात उनके घर में जबरन घुसकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, इस अप्रत्याशित और हिंसक हमले में उनके वृद्ध माता-पिता को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ भी मारपीट की गई। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि यह पूरा खौफनाक घटनाक्रम घर में मौजूद मासूम बच्चों के सामने हुआ, जिससे पूरे परिवार और बच्चों के मन में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।
घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए महिला पत्रकार पूजा जायसवाल ने बताया कि इस पूरे विवाद की सुई एक स्थानीय सम्मान समारोह की खबर और उसके बाद व्हाट्सएप पर गलती से गए एक निजी मैसेज से शुरू हुई थी। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित समारोह की खबर में भाजपा नेत्री गायत्री केशरवानी का नाम और फोटो देखकर वह खबर उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को भेजी थी। इसी दौरान किसी अन्य व्यक्ति के साथ चल रही उनकी कोई निजी बातचीत का एक अन्य मैसेज गलती से उसी संवाद के बीच गायत्री केशरवानी को भी फॉरवर्ड हो गया। जैसे ही उन्हें अपनी इस गलती का अहसास हुआ, उन्होंने तत्काल स्पष्टीकरण देते हुए संबंधित व्यक्ति से क्षमा भी मांग ली थी और स्पष्ट किया था कि वह मैसेज उनके लिए नहीं था।
खरसिया में महिला पत्रकार ने भाजपा जिला मंत्री समेत 10 लोगों पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप लगाया।
#KharsiaNews #JournalistAssault #Raigarh #खरसिया #महिला_पत्रकार #ChhattisgarhNews https://t.co/ISJR5X5Mn8
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) November 5, 2026
पत्रकार का आरोप है कि गलती स्वीकार करने और माफी मांगने के बावजूद मामला शांत होने के बजाय तूल पकड़ता चला गया। उन्हें फोन के माध्यम से लगातार धमकियां दी जाने लगीं और अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इसके अलावा, पुलिस और मीडिया को पैसे देकर उनकी मानहानि करने तथा उनकी जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
पीड़िता के बताए अनुसार, विवाद उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब रात के करीब 8 बजे लगभग 10 लोग उनके घर पर आ धमके और घर के भीतर घुसकर उनके साथ लात-घूंसों व हाथों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए उनके माता-पिता को भी बेरहमी से निशाना बनाया गया। पत्रकार ने दावा किया कि उनके घर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें यह पूरी घटना और हमलावरों की हरकतें स्पष्ट रूप से कैद हो चुकी हैं, जो जांच में एक मजबूत सुबूत साबित हो सकती हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पत्रकारिता के पेशे में किसी की हर गतिविधि या कार्यक्रम की खबर छापना अनिवार्य नहीं होता, बल्कि उसका प्रकाशन विशुद्ध रूप से जनहित और उसकी समाचारिक महत्ता पर निर्भर करता है, जिसको लेकर भी नाराजगी जताई जा रही थी।
इस पूरी घटना के बाद पीड़ित पत्रकार ने पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें किसी से कोई राजनीतिक अदावत नहीं चाहिए, बल्कि केवल कानून के दायरे में न्याय की दरकार है। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया जारी है और संबंधित पक्ष या पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आने के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।