दिवाली से पहले घर की साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग घर के कोने-कोने को साफ करने के साथ पुरानी और बेकार चीजों को भी हटाते हैं। लेकिन क्या आपने अपने घर और छत पर लगे पौधों पर ध्यान दिया है? वास्तुशास्त्र की कुछ मान्यताओं में माना जाता है कि घर में सूखे या बेतरतीब तरीके से फैले पौधे नहीं रखने चाहिए। हालांकि, इनसे दुर्भाग्य या आर्थिक परेशानी होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। आइए जानते हैं ऐसे पांच पौधों के बारे में, जिन्हें लेकर वास्तु में अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं।
कांटेदार पौधों को लेकर क्या कहता है वास्तु?
कैक्टस और दूसरे कांटेदार पौधों को लेकर वास्तुशास्त्र में कुछ मान्यताएं ऐसी हैं, जिनमें इन्हें घर के मुख्य हिस्सों में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता के अनुसार, इनके कांटे नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। अगर आपके घर में ऐसे पौधे हैं, तो दिवाली से पहले उनकी जगह पर दोबारा विचार कर सकते हैं।
सूखे और मुरझाए पौधों को न करें नजरअंदाज
वास्तु की मान्यताओं में सूखे और मुरझाए पौधों को अच्छा नहीं माना जाता। दिवाली से पहले गमलों में लगे पौधों की जांच करें। अगर पौधा सूख गया है, तो उसकी मिट्टी, पानी और धूप की जरूरतों को समझकर उसे बचाने की कोशिश करें। अगर वह पूरी तरह खराब हो चुका है, तो उसे हटा दें। इससे घर और बालकनी साफ-सुथरी दिखेगी और दूसरे पौधों की देखभाल करना भी आसान होगा।
बेतरतीब फैली बेलों को दें सहारा
मनी प्लांट जैसी बेलें घर की सजावट में खूब इस्तेमाल होती हैं। वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में बेलों के अनियंत्रित तरीके से फैलने को उचित नहीं माना जाता। दिवाली की सफाई के दौरान इनकी सूखी पत्तियां हटाएं और बेलों को जाली पर व्यवस्थित करें।
छत पर उगे पीपल और बरगद को न करें नजरअंदाज
पीपल और बरगद धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्ष माने जाते हैं। कई बार इनके बीज पक्षियों के जरिए छत की दरारों या दीवारों के किनारों पर पहुंच जाते हैं, जहां छोटे पौधे उगने लगते हैं। इन्हें छत पर बढ़ने देना नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि समय के साथ जड़ें निर्माण को प्रभावित कर सकती हैं।
बोनसाई पौधों को लेकर भी हैं मान्यताएं
बोनसाई छोटे आकार में पेड़ उगाने की एक खास बागवानी कला है। वास्तु की कुछ मान्यताओं में इसकी सीमित बढ़वार को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। हालांकि, बोनसाई रखने से घर के सदस्यों की तरक्की या बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अगर आपको बोनसाई पसंद है, तो इसकी देखभाल और उपलब्ध जगह के अनुसार इसे घर में रख सकते हैं।
दिवाली से पहले ऐसे तैयार करें अपना गार्डन
दिवाली की सफाई के दौरान गमलों से सूखी पत्तियां हटाएं, पौधों की जरूरत के अनुसार छंटाई करें और पानी की निकासी की जांच करें। टूटे गमलों और जमा कचरे को भी साफ करें। तुलसी और दूसरे पौधों को उनकी धूप और पानी की जरूरत के मुताबिक जगह दें। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं का पालन करना व्यक्तिगत आस्था का विषय है, लेकिन पौधों को स्वस्थ रखने के लिए सही रोशनी, पानी, मिट्टी और नियमित देखभाल सबसे जरूरी हैं।